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अपने बेटे के शव पहुंचते ही जार-जार रोया ओरिया गांव

आम तौर गर्व और जोश से भरा रहने वाला 25 वर्षीय जवान सुभाष कुमार बुधवार को तिंरगे में लिपटकर ताबूत में भरकर आया। हमेशा चहकने वाले और खुशमिजाज इस युवा...

अपने बेटे के शव पहुंचते ही जार-जार रोया ओरिया गांव
हिन्दुस्तान टीम,हजारीबागThu, 22 Feb 2024 02:00 AM
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हजारीबाग वरीय संवाददाता
आम तौर गर्व और जोश से भरा रहने वाला 25 वर्षीय जवान सुभाष कुमार बुधवार को तिंरगे में लिपटकर ताबूत में भरकर आया। हमेशा चहकने वाले और खुशमिजाज इस युवा की यह खामोशी हर किसी को खल रही थी। हर कोई उसका एक दर्शन चाहता था। परिजन और जानने पहचानने वाले दोस्त रो रहे थे। महिलाओं की चीत्कार के आगे हर कोई बेबश था। आसपास से पहुंचे लोग अचानक अपने इस बहादुर साथी की मौत पर सवाल उठा रहा था। कोई इसे हत्या तो कोई दुर्घटना, जितनी मुंह उतनी बातें। सवाल अनुतरित थे पर ओरिया के युवाओं में अपने इस बहादुर दोस्त को गर्व और सम्मान के साथ श्मसान तक पहुंचाने के लिए तत्पर और धैर्य से भरे दिख रहे थे। जैसे ही शव ओरिया स्थित घर पहुंचा लोग जयकारे लगाने लगे। जब तक सूरज चांद रहेगा सुभाष तेरा नाम रहेगा। प्रतिउत्तर में बच्चे, जवान, बूढ़े सभी इस नारे के साथ जवाब दे रहे थे। देखते देखते लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। घर से श्मसान तक भीड़ भर गयी। ओरिया निवासी पिता होरिलेश्वर साव, मां मालती देवी, भाई अशोक कुमार समेत बहने और परिजनों के रोने धोने से पूरा माहौल गमगीन था। विदित हो कि 19 फरवरी को सुभाष का शव बीएसएफ इंदौर के एसटीसी परिसर में कुएं नंबर आठ से मिला था। इसके बाद बुधवार की सुबह बीएसएफ मेरू शव लाया गया। वहां से घर तक जवान सुभाष का जयकारा करते हुए युवा शव लेकर ओरिया गांव पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों ने बीएसएफ के जवान एवं सरकार से उचित मुआवजा देने की मांग की।

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