सीसीएल क्षेत्र के विभिन्न परियोजनाओं में बंदी का मिलाजुला असर दिखा
चरही में श्रमिक संगठनों के मजदूरों ने कोयला उद्योग विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने की मांग को लेकर बंद का आह्वान किया। सुबह 8 से 12 बजे तक जीएम कार्यालय में कार्य ठप रहा। हालांकि, दोपहर 12 बजे के बाद अधिकांश परियोजनाओं में कामकाज सामान्य हो गया। बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक बंद रहे, जिससे ग्राहकों को कठिनाई हुई।

चरही, प्रतिनिधि सीसीएल क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं में श्रमिक संगठनों के मजदूरों द्वारा कोयला उद्योग विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने की मांग को लेकर गुरुवार को आहूत बंद का मिलाजुला असर देखा गया। जीएम कार्यालय चरही में जेनरल शिफ्ट का कार्य सुबह 8 बजे से 12 बजे तक बंद रहा। बंद का समर्थन जेसीएमयू के सोमरा मुंडा, धीरज कुमार मांझी सहित अन्य नेताओं ने किया। बंदी समर्थक सुबह 6 बजे पहली पाली में ही परियोजनाओं में पहुंचकर कार्य बंद कराने में जुट गए। हालांकि दोपहर 12 बजे के बाद अधिकांश परियोजनाओं में कामकाज फिर से सुचारू रूप से शुरू हो गया और 2 बजे की पाली में कर्मियों ने हाजिरी बनाकर काम संभाला।
बंद के समर्थन में जेसीएमयू, यूसीडब्ल्यू, आरसीएमयू और आरसीएमएस सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि परियोजना गेट के बाहर मौजूद रहे। सीसीएल तापिन साउथ परियोजना में रामकिशोर मुर्मू, सुरजा मांझी, त्रिवेणी महतो और नवीन बराला के नेतृत्व में सुबह 6 बजे कार्य बंद कराया गया। तापिन नॉर्थ और परेज परियोजना में भी कुछ घंटों तक उत्पादन प्रभावित रहा। इस दौरान रेलवे साइडिंग चरही में कोयला आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित हुई। वहीं एसबीआई सामान्य दिनों की तरह खुली रही, जबकि बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र बंद रहने से ग्राहकों को परेशानी हुई।
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