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हजारीबाग

केबी महिला कॉलेज में छात्राओं के लिए वोकेशनल कोर्स में कई संभावानाएं

हिन्दुस्तान टीम,हजारीबागPublished By: Newswrap
Sun, 01 Aug 2021 11:20 PM
केबी महिला कॉलेज में छात्राओं के लिए वोकेशनल कोर्स में कई संभावानाएं

हजारीबाग शिक्षा प्रतिनिधि

जैक बोर्ड इंटर और सीबीएसइ 12 वी में इस बार छात्राओं का प्रतिशत भी अच्छा है। हजारीबाग का एक पुराना महिला महाविद्यालय केबी महाविद्यालय है। यहां पर ग्रेजुएशन के अलावा कई वोकेशनल कोर्स पिछले दो दशक से चलते हैं।

इनमें नामांकन भी शुरू होने वाला है। प्राचार्या डॉ रेखा रानी कहती है कि वोकेशनल कोर्स छात्राओं के लिए रोजगारपरक हैं। इससे योग्यता में जहां निखार आता है वहीं स्किल्स को बढ़ाने में मदद मिलती है। हर स्टूडेंट्स को कोई न कोई वोकेशनल कोर्स जरूर करना चाहिए। इससे न केवल आपके स्किल डेवलप होंगे। प्राचार्य ने बताया कि महाविद्यालय में छात्राओं को पढ़ाई के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही कोरोना काल के मद्देनजर हमने ऑनलाइन इंफ्रास्ट्रक्टर भी तैयार कर लिया है। जिससे छात्राएं अब घर बैठे भी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकती है। साथ ही सुरक्षा को लेकर सीसी कैमरे व गार्ड की तैनाती है। छात्राओं के रहने के लिए छात्रावास उपलब्ध है। वहीं महाविद्यालय परिसर में कैंटीन भी है। समय समय पर सेमीनार, वर्कशॉप आदि कराया जाता है ताकि प्रतिस्पर्धा की इस दौर में छात्राएं किसी भी फील्ड में पीछे न रह जाए।

ये कोर्स उपलब्ध है

महाविद्यालय में बैचलर इन कॉर्पोरेट सेक्रेटरीशिप/ बी कॉम वोकेशनल 2018 से चल रही है। आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स की छात्राएं इस पाठ्यक्रम के दौरान, आईटी और मैनेजमेंट की पढाई, कॉन्ट्रैक्ट्स और रिजॉल्यूशन आदि का उचित मसौदा तैयार करना और निष्पादन के बारे में सिखाया जाता है। छात्राएं बैंकिंग एवं बिजनेस एनालिस्ट के रूप में अपना करियर बना सकती हैं।

कई छात्राओं का प्लेसमेंट भी हुआ

बीसीए : महाविद्यालय में बीसीए 2017 से चल रहा है। अब तक पहले बैच से पंद्रह छात्राओं का विप्रो, टीसीएस एवं बजाज आलियांज जैसे बड़े कंपनियों में कैंपस चयन हुआ है। छात्राएं इंटरमीडिएट पास के बाद कंप्यूटर के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते है तो आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स की छात्राएं बीसीए कोर्स से अच्छा विकल्प है।

फैशन डिजाइनिंग : महाविद्यालय में फैशन डिजाइनिंग कोर्स 2017 से चल रहा है। इसमें छात्राओं को क्रिएटिविटी सिखाई जाती है साथ ही अच्छी कम्युनिकेशन स्किल भी डेवलप कराई जाती है। ताकि छात्राएं फैशन जगत से रूबरू हो और ट्रेंड्स के अनुसार फैशन डिजाइनर एवं मर्चेंडाइजर के रूप में कार्य कर सकती है।

बीएमएलटी : महाविद्यालय में बैचलर इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी 2019 से चल रही है। कोई भी साइंस स्ट्रीम की स्टूडेंट इस कोर्स को कर सकती है। साइंस स्ट्रीम की छात्राएं बीएमएलटी के तौर पर हॉस्पिटल एवं पैथोलॉजी में रोजगार की तलाश कर सकते हैं।

सीएनडी : महाविद्यालय में क्लीनिकल नुट्रिशन डाइटिक्स कोर्स सन 1995 से चल रहा है। लोग अब योग और जिम के अलावा अपने खाने-पीने का ख्याल रखने लगे हैं और वे समय-समय पर न्यूट्रिशन के एक्सपर्ट से सलाह भी लेते है। साइंस स्ट्रीम की छात्राएं न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स में करियर बना सकती हैं।

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