
लोहड़ी पर्व में दिखी घर से लेकर बाहर तक पंजाबी समाज में उत्साह
हजारीबाग में लोहड़ी पर्व को गुरु गोविंद सिंह पार्क में धूमधाम से मनाया गया। बाजारों में मूंगफली, रेवड़ी, और गजक की भीड़ रही। यह पर्व सर्दी के मौसम की विदाई और नई फसल के स्वागत का प्रतीक है। पंजाबी समाज ने सामूहिकता और भाईचारे का संदेश दिया। बुजुर्गों ने परंपराओं का आनंद लिया।
हजारीबाग, जिला प्रतिनिधि। पंजाबी समाज का प्रमुख लोकपर्व लोहड़ी बुधवार को पूरे उत्साह और उमंग के साथ गुरु गोविंद सिंह पार्क में मनाया जाएगा। शाम को दीवान गुरुद्वारा साहिब बिख्खे शाम साढ़े छह से एक घंटा सजाया जाएगा। पार्क में लोहड़ी सम्मेलन होगा। मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर घर-घर और बाजारों में खास चहल-पहल देखने को मिली। सुबह से ही बाजारों में मूंगफली, रेवड़ी, गजक, तिल से बने लड्डू और अन्य पारंपरिक पकवानों की दुकानों पर भीड़ जुटी रही। लोहड़ी को विशेष रूप से सर्दी के मौसम की विदाई और नई फसल के स्वागत का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने और आने वाले समय में समृद्धि की कामना का अवसर होता है। लोहड़ी पर्व किसानों के लिए भी खास महत्व रखता हैं। इससे रबी फसल की अच्छी पैदावार की उम्मीद से जुड़ा हुआ है। शहर के बाजारों में लोहड़ी को लेकर विशेष सजावट की गई है। बच्चों में भी पर्व को लेकर खास उत्साह दिखा, वहीं बुजुर्गों ने परंपराओं को याद करते हुए पर्व का आनंद लिया। पंजाबी समाज के लोगों का कहना है कि लोहड़ी केवल एक त्योहार नहीं बल्कि सामूहिकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अवसर है। हर साल की तरह इस बार भी लोहड़ी ने लोगों को एक साथ जोड़कर खुशियों और उल्लास का संदेश दिया। दुकानदारों का कहना है कि लोहड़ी को लेकर गुड़ की मिठाइयों की मांग अधिक रही। मकरसंक्राति के अवसर में पतंगबाजी कई लोग मुहल्लों में करते हैं। किशोर वय से लेकर युवा तक इसमें सहर्ष भागीदारी निभाते हैं। इसे लेकर हजारीबाग के बाजारों में पतंग और मांझा लटाई आदि की खरीदारी कर रहे हैं। इस बार प्लास्टिक की लटाई भी बाजार में देखने को मिली है।

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