विधायक ने विधानसभा में केरेडारी पुलिस की कार्रवाई पर उठाया सवाल
केरेडारी के विधायक रौशनलाल चौधरी ने विधानसभा में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान गरीब रैयतों को जेल भेजना और प्रभावशाली नेताओं को छोड़ना न्याय के खिलाफ है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने भी मामले की जांच का निर्देश दिया है।

केरेडारी ,प्रतिनिधि बड़कागांव विधायक रौशनलाल चौधरी ने पुलिस कार्रवाई पर विधानसभा में उठाए सवाल। उन्होने पूछा की एक ही आंदोलन में नेताओं को छोड़कर गरीब रैयतों को जेल भेजना क्या न्याय है। चौधरी ने झारखंड विधानसभा के सत्र के दौरान केरेडारी प्रखंड स्थित एनटीपीसी लिमिटेड की चट्टीबरियातू परियोजना क्षेत्र में हुई पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है, ऐसे में एक ही आंदोलन में शामिल लोगों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जाना न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।।विधायक ने सदन को बताया कि 19 फरवरी को एनटीपीसी लिमिटेड की चट्टीबरियातू परियोजना क्षेत्र में अपने हक और अधिकार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे रैयतों में से कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
इनमें से पांच रैयतों को जेल भेज दिया गया।जबकि घटना को आपराधिक रूप देने वाले पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक को राजनीतिक दबाव में थाने से ही छोड़ दिया गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कानून सभी के लिए एक समान है तो फिर एक ही मामले में गरीब ग्रामीणों और रैयतों को जेल भेज दिया जाए और प्रभावशाली लोगों को छोड़ दिया जाए। यह किस प्रकार का न्याय है। विधायक ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। वहीं इस मामले की गंभीरता से लेते हुए झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो ने संबंधित मंत्री को पूरे मामले को समेकित रूप से देखते हुए जांच कराने का निर्देश दिया है।
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