पेसा कानून लागू होने से गांव के चौपाल पर होंगे फैसले, मुख्यमंत्री को संजीव बेदिया ने दी बधाई
झारखंड सरकार ने पेसा कानून की अधिसूचना जारी की है, जिससे ग्राम सभा सशक्त होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वशासन को मजबूती मिलेगी। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता संजीव कुमार बेदिया ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया। अब ग्रामीण निर्णय गांव के चौपाल पर लिए जाएंगे, जो आदिवासी और ग्रामीण समाज के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण है।

बड़कागांव, प्रतिनिधि। झारखण्ड सरकार की ओर से पेसा कानून अर्थात पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्र की अधिसूचना जारी किए जाने पर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह हजारीबाग जिला झामुमो अध्यक्ष संजीव कुमार बेदिया ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को बधाई दी है। उन्होंने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे राज्य में ग्राम सभा सशक्त होगी, और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वशासन को मजबूती मिलेगी। वहीं पूर्वी जिला परिषद सदस्य गीता देवी एंव पूर्व प्रमुख राजमुणि देवी ने कहा कि पेसा कानून लागू होने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े निर्णय जिला मुख्यालयों में नहीं, बल्कि गांव के चौपाल पर ग्राम सभा की अनुमति से लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह कानून आदिवासी और ग्रामीण समाज को उनके अधिकार दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आगे कहा कि झारखण्ड अलग राज्य बनने के 25 वर्ष बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा पेसा कानून को लागू करना राज्य की जनता के प्रति उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। इस निर्णय से गांवों में स्वशासन की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया, पूर्वी जिला परिषद गीता देवी, पूर्व प्रमुख राजमुणि देवी ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं उनके पूरे मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कैबिनेट से मंजूरी और अधिसूचना जारी कर सरकार ने झारखण्ड की ग्रामीण जनता को एक बड़ी सौगात दी है।
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