विस्थापन आयोग गठन सहित 11 सूत्री मांगों पर 10 मार्च को विधानसभा समक्ष महाधरना
झारखंड किसान सभा और अन्य संगठनों द्वारा 10 और 11 मार्च को विधानसभा मार्च आयोजित किया जाएगा। पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण किसान और आदिवासी समुदाय प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने भूमि अधिग्रहण कानून के सख्त पालन और विस्थापन आयोग के गठन की मांग की।

हजारीबाग प्रतिनिधि झारखंड किसान सभा, झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच एवं खतियानी परिवार के संयुक्त तत्वावधान में 10 और 11 मार्च को विधानसभा मार्च आयोजित किया जाएगा। इसकी जानकारी एक प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ आंदोलनकारी नेता भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने दी। पूर्व सांसद ने कहा कि झारखंड में केंद्र और राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण किसान, दलित और आदिवासी समुदाय बुरी तरह प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जल, जंगल और जमीन की खुली लूट हो रही है तथा विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
उन्होंने विस्थापन आयोग के गठन, स्पष्ट नियोजन एवं विस्थापन नीति की घोषणा तथा भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को सख्ती से लागू करने की मांग की। भुनेश्वर मेहता ने कहा कि तीन फसल एवं दो फसल उपजाऊ भूमि के अधिग्रहण पर तत्काल रोक लगनी चाहिए तथा भूमि बैंक व्यवस्था को रद्द किया जाए। गैरमजरुआ जमीन की अविलंब रसीद काटने, अधिग्रहण की स्थिति में रैयती मान्यता देकर रैयतों को उचित मुआवजा देने तथा अंचलों में दाखिल-खारिज और जमीन का विवरण ऑनलाइन चढ़ाने में हो रही रिश्वतखोरी पर सख्त रोक लगाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना रिश्वत के अंचलों में कोई काम नहीं हो रहा है, जिससे आम जनता त्रस्त है। उन्होंने यह भी कि झारखंड आंदोलनकारियों को जेल की बाध्यता से मुक्त कर छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड की तर्ज पर सुविधा दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विकास कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब है। सड़क और पुल-पुलिया बनते ही टूट जा रहे हैं, जबकि अधिकारी और कर्मचारी लूट में मशगूल हैं और जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं। प्रेस वार्ता में झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता, खतियानी परिवार के केंद्रीय महासचिव मो हकीम, मो निजाम अंसारी, शंभू कुमार अधिवक्ता एवं मो साबिर भी उपस्थित थे।
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