कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पेयजल की कमी

हिन्दुस्तान, हजारीबाग
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हजारीबाग जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी सामने आई है। शिक्षकों की कमी और पेयजल, बिजली जैसी समस्याओं से छात्राएं जूझ रही हैं। विद्यालयों में बेहतर गुणवत्ता वाले भोजन और स्वच्छता का वादा किया गया है। कुछ स्थानों पर छात्रों की सुरक्षा के लिए भी चिंता है।

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पेयजल की कमी

हजारीबाग जिला प्रतिनिधि। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की पड़ताल में सामने आया कि कई विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। जिले में 10 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इसमें 4308 छात्राएं रहकर पढ़ाई कर रही हैं। वहीं कक्षा छह में नामांकन की प्रक्रिया जारी है। क्लास छह में 750 बालिकाओं का नामांकन के लिए प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा विभागका दावा है कि सभी विद्यालयों में छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयास किया जा रहे हैं। कुछ विद्यालयों में बुनियादी ढांचे से जुड़ी कमियां अब भी बनी हुई हैं। पड़ताल में सामने आया कि चौपारण स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में लंबे समय से बाउंड्री वॉल नहीं था। जिससे बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। हालांकि अब वहां डीएमएफटी से बाउंड्री वॉल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। विद्यालयों में बिजली, पेयजल, शौचालय और छात्रावास की सुविधाओं को लेकर अधिकांश स्थानों पर व्यवस्था सामान्य बताई गई। लेकिन कुछ विद्यालयों में इंटरनेट, रखरखाव और मरम्मत से जुड़ी समस्याएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। छात्राओं और अभिभावकों का कहना है कि नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत कार्य होने से व्यवस्थाएं और बेहतर हो सकती हैं। बताया जाता है कि मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और पोषण मानकों की निगरानी भी समय-समय पर की जाती है। वार्डनों का कहना है कि भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है तथा किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। वहीं छात्राओं का कहना है कि अधिकांश सुविधाएं उपलब्ध हैं। कुछ स्थानों पर रखरखाव और सुरक्षा का अभाव है。

पानी की समस्या से जूझ रही कस्तूरबा की छात्राएं

इचाक प्रतिनिधि

इचाक के बोंगा में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राएं इन दिनों पानी की समस्या से जूझ रही हैं। यहां 350 छात्राएं पढ़ाई कर रही है। कैंपस में दो बोरिंग है। एक बोरिंग से पानी प्रचुरता में उपलब्ध है।जबकि दूसरे से पानी उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण छात्राओं को गर्मी में दिक्कत हो दिक्कतों का सामना करना पड़ता है । मेडिकल चेकअप रोस्टर के मुताबिक नहीं होने के चलते स्कूल की छात्राओं को छोटी-मोटी इलाज के लिए बाहर से दवाइयां मांगना पड़ता है इसके अलावा सड़क सुरक्षा एवं भोजन के साथ पढ़ाई समुचित व्यवस्था है। वार्डन शोभा पांडे ने बताया गर्मी छुट्टी के बाद मेडिकल टीम हेल्थ चेकअप के लिए स्कूल नहीं पहुंचा है जबकि महीने में दो बार छात्राओं का हेल्थ चेकअप जरूरी है।

कटकमसांडी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पानी और शौचालय की कमी से छात्रा परेशान

कटकमसांडी। प्रतिनिधि

कटकमसांडी प्रखंड मुख्यालय में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में तीन में से दो बोरिंग का खराब होना गंभीर चिंता का विषय है। जिससे छात्राओं को पीने के पानी और दैनिक कार्यों में भारी परेशानी होती है। जबकि विद्यालय में नामांकित 500 छात्राएं है । नित्य दिन दैनिक कार्यों के एक बोरिंग रहने से पानी के लिए जुझना पड़ता है । यही हाल शौचालय की व्यवस्था में है । विद्यालय में अभी वर्तमान में 35 शौचालय हैं जबकि कम से कम 50 होनी चाहिए थी । क्योंकि समय के साथ स्कूल में पढ़ाई करने के लिए सभी को लगभग एक साथ तैयारी करनी पड़ती है ।इस लिहाज से 10 छात्रा में एक शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए थी । आवासीय विद्यालय रहने के कारण पानी और शौचालय की दुरुस्त व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन इस विद्यालय में दोनों महत्वपूर्ण व्यवस्था की कमी है । इसके अलावा विद्यालय में गर्मी के मौसम में छात्राओं के लिए शुद्ध पेयजल की लिए फ्रीजर की व्यवस्था होनी चाहिए थी लेकिन यह व्यवस्था इस विद्यालय में नहीं है । जिसके कारण छात्राओं को गर्मी के मौसम में परेशानी का सामना करना पड़ता है । इस संबंध में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विजय राम ने बताया कि प्रत्येक 10 छात्राओं की संख्या में एक शौचालय होना चाहिए था । खराब दो बोरिंग को ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है ।

न शुद्ध पानी, न निर्बाध बिजली, कमरों की किल्लत से जैसे-तैसे रहने को मजबूर हैं बेटियाँ

​चौपारण प्रतिनिधि

चौपारण के मानगढ़ स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पढ़ने वाली करीब 500 छात्राएं हर दिन बुनियादी समस्याओं से जूझती है। ​सफाई और स्वास्थ्य के दावों के बीच यहां की छात्राओं को शुद्ध पेयजल तक नसीब नहीं है। परिसर में वाटर प्यूरीफायर जैसी कोई मशीन नहीं लगी है। बेटियां चापाकल या सामान्य सप्लाई के पानी को जैसे-तैसे पीने पर मजबूर हैं। बिजली की व्यवस्था भी भगवान भरोसे है। उमस भरी गर्मी में बिजली कटने के बाद छात्राओं की पढ़ाई और नींद दोनों पर ग्रहण लग जाता है। ​विद्यालय में शिक्षा का स्तर भी प्रभावित हो रहा है। विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने के कारण छात्राओं की पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही है। नाम नाम न छापने की शर्त पर स्टाफ ने माना कि संसाधनों की कमी के बावजूद वे किसी तरह व्यवस्था को संभाल रहे हैं, लेकिन उच्च अधिकारियों को कई बार लिखने के बाद भी स्थिति जस की तस है।

हजारीबाग डीईओ - प्रवीण कुमार

अपार आईडी शत-प्रतिशत बनाने के लिए जिले के सभी विद्यालयों को निर्देश दिया गया है। सर्वर की समस्या के समाधान के लिए तकनीकी टीम को लगाया गया है। 30 जून तक लक्ष्य पूरा करने के लिए सभी बीई

क्या कहते है जिला शिक्षा पदाधिकारी

जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में सभी बुनियादी सुविधाएं है। विद्यालय में साफ-सफाई एवं ताजा भोजन छात्राओं को दिया जाता हैं।

प्रवीण रंजन, डीइओ हजारीबाग।

फोटो चौपारण अधूरा भवन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कितनी छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं?
जिले में 10 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं जिनमें 4308 छात्राएं रहकर पढ़ाई कर रही हैं।
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