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बोले हजारीबाग : चिप्स से चूड़ी तक, हजारीबाग में फलफूल रहा है लघु उद्योग

बोले हजारीबाग : चिप्स से चूड़ी तक, हजारीबाग में फलफूल रहा है लघु उद्योग

संक्षेप:

झारखंड गठन के बाद हजारीबाग ने औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। स्थानीय उद्यमिता में वृद्धि से रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और बाजार की गतिविधियां बढ़ी हैं। हजारीबाग में औद्योगिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यटन संभावनाएं इसे एक मजबूत औद्योगिक केंद्र बना रही हैं।

Nov 13, 2025 11:19 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हजारीबाग
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झारखंड गठन के बाद हजारीबाग ने औद्योगिक व व्यापारिक क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। कभी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए पहचाने जाने वाला यह जिला अब स्थानीय उद्यमिता का केंद्र बन चुका है। छोटे-बड़े उद्योगों की स्थापना से जहां रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं, वहीं बाजार की रौनक भी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। हिन्दुस्तान के बोले हजारीबाग अभियान के दौरान व्यवसायियों ने कहा कि अब जरूरत है- औद्योगिक संभावनाओं को और विस्तार देने की, ताकि हजारीबाग सूबे के औद्योगिक नक्शे पर मजबूत स्थान हासिल कर सके। हजारीबाग। झारखंड गठन के बाद बीते 25 वर्षों में हजारीबाग ने विकास की नई पहचान बनाई है।

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प्राकृतिक खूबसूरती और ठंडे मौसम के कारण इसे हिल स्टेशन ऑफ झारखंड भी कहा जाता है। पहले हजारीबाग एक बड़ा जिला था जिसमें बोकारो, गिरिडीह, चतरा, कोडरमा और रामगढ़ शामिल थे। बाद में प्रशासनिक सुविधा के लिए इन्हें अलग जिलों के रूप में विकसित किया गया, लेकिन इन सभी का मुख्य केंद्र आज भी हजारीबाग ही है। पिछले 25 वर्षों में हजारीबाग ने उद्योग क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। स्थानीय व्यवसायियों ने कई प्रकार के उद्योग स्थापित किए हैं जिनमें राइस मिल, पानी फैक्ट्री, मसाला यूनिट, चिप्स फैक्ट्री, तेल मिल, सत्तू मिल, चूड़ी उद्योग, कांटी फैक्ट्री सहित कई अन्य इकाइयां शामिल हैं। इन उद्योगों के बढ़ने से मजदूर वर्ग को बड़े पैमाने पर रोजगार मिला है। व्यापारिक गतिविधियों के बढ़ने से शहर में लेन-देन भी तेजी से बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप कई नए बैंक खुले और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए। हजारीबाग का वातावरण, प्राकृतिक संसाधन और खनिज संपदा उद्योग लगाने के लिए अनुकूल माने जाते हैं। क्षेत्र में कोयले की उपलब्धता कई उद्योगों के लिए ऊर्जा का बड़ा स्रोत है। कनेक्टिविटी के मामले में भी पिछले वर्षों में काफी सुधार हुआ है। हजारीबाग से पटना, कोलकाता और अन्य बड़े शहरों तक अच्छी सड़कों और रेल सेवाओं का विस्तार किया गया है। बीते ढाई दशकों में हजारीबाग में उद्योगों की संख्या लगभग 30% तक बढ़ी है, जो क्षेत्र की प्रगति का मजबूत संकेत है। राज्य सरकार द्वारा उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियाँ लागू की गई हैं, जिनका लाभ उठाते हुए स्थानीय लोग बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में भी हजारीबाग काफी विकसित हुआ है। शहर में मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल खुलने से छोटे-बड़े सभी रोगों का इलाज आसानी से उपलब्ध है। पर्यटन के क्षेत्र में भी हजारीबाग में अपार संभावनाएं हैं। यदि जिला प्रशासन पर्यटन स्थलों का व्यवस्थित विकास करे तो यहां व्यापार और रोजगार दोनों की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। पहले यह इलाका पलायन की बड़ी समस्या से जूझता था, लेकिन पिछले दशक में स्थिति में सुधार हुआ है और पलायन में लगातार कमी देखी गई है। यह बदलाव हजारीबाग के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार को चाहिए कि वह मजदूर वर्ग और श्रमिकों के पलायन को पूरी तरह रोकने के लिए और प्रभावी कदम उठाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़े और हजारीबाग का विकास और तेज गति से आगे बढ़ सके। हजारीबाग में उद्योग और व्यापार के विस्तार ने न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है, बल्कि कई परिवारों के जीवन स्तर में भी सुधार लाया है। पहले जहां रोजगार के अवसर सीमित थे और लोग काम की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर थे, वहीं अब स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से युवाओं को अपने ही जिले में काम करने का अवसर मिल रहा है। इससे शहर की अर्थव्यवस्था में पैसा घूम रहा है और बाजार भी लगातार सक्रिय हो रहा है। उद्योगों के बढ़ते प्रभाव के कारण परिवहन और लोडिंग-अनलोडिंग जैसे सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार बढ़ा है। छोटे परिवहन व्यवसायियों को भी अच्छा लाभ हो रहा है, क्योंकि उद्योगों में कच्चा माल लाने और तैयार उत्पाद बाहर भेजने के लिए वाहनों की लगातार जरूरत रहती है। स्थानीय स्तर पर बढ़े रोजगार के अवसर हजारीबाग में उद्योगों के बढ़ने का सबसे बड़ा लाभ रोजगार के रूप में सामने आया है। पहले यहां के युवा रोजगार की तलाश में रांची, धनबाद, बोकारो या बिहार के शहरों की ओर जाते थे, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर काम मिलने लगा है। उद्योगों के विस्तार से मजदूर, ड्राइवर,पैकिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी और सुपरवाइजर के लिए हजारों अवसर बने हैं। छोटे परिवहन व्यवसायियों, किराना थोक विक्रेताओं और गोदाम-व्यवसायियों को भी आर्थिक लाभ हुआ है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में बेहतर कैश फ्लो पैदा हुआ है, जिससे बाजार की रौनक और व्यापारिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। मजबूत परिवहन व्यवस्था ने उद्योगों को स्थायित्व दिया है और हजारीबाग को निवेश के लिए आकर्षक बनाया है। औद्योगिक विकास में आई तेजी पिछले 25 वर्षों में हजारीबाग ने औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। राइस मिल, तेल मिल, चिप्स फैक्ट्री, पानी फैक्ट्री, मसाला यूनिट, सत्तू मिल, चूड़ी उद्योग और नेल्स फैक्ट्री जैसे मध्यम व लघु उद्योगों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है। स्थानीय उद्यमियों ने अपने स्तर पर निवेश कर कई नए उद्योग स्थापित किए हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं। वहीं अब यहां निरंतर व्यापारिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। उद्योगों के कारण मजदूरों और तकनीकी कर्मियों की मांग भी पहले से कई गुना बढ़ी है। कनेक्टिविटी बढ़ने से फायदा पिछले दो दशकों में हजारीबाग में सड़क और रेल कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। फोरलेन, टाटीझरिया-रांची मार्ग और एनएच 33 के मजबूतीकरण ने उद्योगों के संचालन को आसान बनाया है। हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन के जरिए कोलकाता, पटना, दिल्ली आदि शहरों से संपर्क और बेहतर हुआ है। बेहतर कनेक्टिविटी से कच्चा माल आने और तैयार माल बाहर भेजने में समय और लागत दोनों कम हुए हैं। शहर में ट्रांसपोर्ट सेक्टर भी तेज़ी से बढ़ा है। पर्यटन की असीम संभावनाएं हजारीबाग की प्राकृतिक सुंदरता,कैनरी हिल, राजदरबार, पद्मा, करमर घाटी, इस्को, सूर्या मंदिर जैसे स्थलों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यदि जिला प्रशासन इन स्थलों का व्यवस्थित विकास करे तो पर्यटन उद्योग हजारीबाग की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। पर्यटन बढ़ने से होटल,लॉज, ट्रैवल एजेंसी, फूड, हैंडीक्राफ्ट बाजार को भी लाभ मिलेगा। साथ ही आने वाले समय में यदि इंडस्ट्रियल पार्क, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, एमएसएमई क्लस्टर विकसित किए जाएं तो हजारीबाग औद्योगिक हब बन सकता है। व्यापारिक क्षेत्र का विस्तार हो उद्योगों के बढ़ने के साथ हजारीबाग के बाजारों का दायरा भी तेजी से बढ़ा है। बड़ा बाजार, न्यू मार्केट, कृष्णापुरी रोड, झंडा चौक, ओरिएंट प्लाजा, पंच मंदिर रोड और जयनगर तक व्यापार का फैलाव हो गया है। कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, किराना, हार्डवेयर, मोटर पार्ट्स और मोबाइल व्यापार में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हुई है। बैंकों की नई शाखाएं खुलने से लेन-देन की गति बढ़ी है। व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण हजारीबाग अब उत्तर छोटानागपुर का प्रमुख कारोबारी केंद्र माना जाता है। स्थानीय व्यापारी वर्ग की सक्रियता ने जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूत आधार दिया है। सुझाव व समाधान 1. हजारीबाग में इंडस्ट्रियल पार्क या विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए 2. मध्यम उद्योगों के लिए आसान ऋण, बिजली कनेक्शन,लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया जाए 3. युवाओं को उद्योगों में तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले जाएं 4. पर्यटन स्थलों का विकास किया जाए, ताकि पर्यटन उद्योग से भी स्थानीय रोजगार बढ़ सके 5. शहर में पार्किंग, ट्रैफिक, सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाकर व्यापार को सुगम बनाया जाए 6. कई उद्योगों को अब भी समय पर बिजली आपूर्ति नहीं मिलती, जिससे उत्पादन बाधित होता है 7. उद्योग लगाने की सरकारी प्रक्रिया अभी भी जटिल और लंबी है,इसे ठीक करनी चाहिए 8. शहर के कई बाजारों में पार्किंग की कमी, व्यापारियों और ग्राहकों को होती है दिक्कत 9. स्थानीय स्तर पर परिवहन किराया अधिक होने से छोटे उद्योगों की लागत बढ़ जाती है 10. औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास सड़क और नाली की समस्या दूर की जानी चाहिए इनकी भी सुनिए हजारीबाग ने पिछले 25 वर्षों में व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। शहर में सड़क, बिजली और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं के सुधरने से कारोबारी माहौल बेहतर हुआ है। व्यापारियों ने नए व्यापार मॉडल अपनाए हैं और युवाओं में उद्यमिता की भावना बढ़ी है। अब भी औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, बड़े निवेश और लॉजिस्टिक सपोर्ट की ज़रूरत है, ताकि हजारीबाग को एक मजबूत औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सके। -राजकुमार जैन टोंग्या, अध्यक्ष, हजारीबाग चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पिछले कुछ वर्षों में हजारीबाग का खाद्यान्न बाजार काफी विकसित हुआ है, लेकिन खुदरा व्यापारियों को अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। परिवहन लागत बढ़ने, गोदाम सुविधाओं की कमी और बाजारों में पार्किंग व्यवस्था कमजोर होने से कारोबार प्रभावित होता है। सरकार और नगर निगम अगर बुनियादी ढांचे को मजबूत करें तथा छोटे व्यापारियों के लिए लोन प्रक्रिया सरल बनाएं, तो खाद्यान्न क्षेत्र में और तेजी से विकास हो सकता है। -विजय केसरी,सचिव, हजारीबाग चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पार्किंग व बिजली की समस्या में और सुधार की है जरूरत हजारीबाग में पिछले कुछ वर्षों में उद्योगों की संख्या बढ़ी है, लेकिन छोटे उद्यमियों को अभी भी बिजली और कच्चे माल की लागत से जूझना पड़ता है। सरकार अगर सब्सिडी दे तो कारोबार और तेजी से बढ़ सकता है।-अशोक सोनी व्यापार बढ़ा है, लेकिन बाजारों में पार्किंग की कमी हमारे लिए बड़ी समस्या है। ग्राहक भी परेशान होते हैं। नगर निगम अगर मल्टी-लेवल पार्किंग बनाए तो शहर का व्यापार और व्यवस्थित हो जाएगा। -राम किशुन सोनी उद्योग लगाने में कागजी प्रक्रिया बहुत समय लेती है। ऑनलाइन सिस्टम होने के बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। अगर सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया जाए तो नए उद्यम जल्दी शुरू हो सकते हैं। -किशोर सोनी हजारीबाग में स्थानीय युवा मेहनती हैं, लेकिन तकनीकी प्रशिक्षण की कमी रहती है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर और तकनीकी संस्थान बढ़ेंगे तो उद्योगों को बेहतर वर्कफोर्स मिलेगा और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। -गणेश कुमार परिवहन किराया बहुत बढ़ गया है। कच्चा माल बाहर से लाने और तैयार माल भेजने में खर्च अधिक हो रहा है। अगर परिवहन में कुछ छूट मिले तो उद्योगों का खर्च काफी कम हो सकता है। - अरुण सोनी हजारीबाग के बाजारों का विस्तार हुआ है, लेकिन सड़कें और नालियां अभी भी कई जगह जर्जर हैं। इससे व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ता है। बुनियादी ढांचा मजबूत होना बेहद जरूरी है। -मुरली सोनी उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों को अब स्थानीय स्तर पर काम मिल रहा है, यह अच्छी बात है। लेकिन कई फैक्ट्री क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट की कमी रहती है, जिसे सुधारने की जरूरत है। -शंकर साव हजारीबाग में बैंकिंग सेवा बेहतर हुई है, लेकिन लोन के लिए अभी भी जटिल प्रक्रिया और भारी कागजी कार्रवाई करनी पड़ती है। छोटे व्यापारियों के लिए आसान लोन सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। -राकेश केसरी पर्यटन का बड़ा स्कोप है, लेकिन पर्यटन स्थल विकसित नहीं होने से कई व्यापारिक संभावनाएं अधूरी रह जाती हैं। अगर पर्यटन को बढ़ावा मिले तो होटल, ट्रैवल और स्थानीय उत्पादों का व्यापार बढ़ सकता है। -संजय गुप्ता हजारीबाग की प्राकृतिक संपदा उद्योगों के लिए अनुकूल है, लेकिन कई बार बिजली कटौती से उत्पादन रुक जाता है। स्थायी बिजली समाधान मिलने से छोटे उद्योगों को सबसे ज्यादा लाभ होगा। -विनोद कुमार कारोबार बढ़ा है, लेकिन बाजारों में ट्रैफिक जाम गंभीर समस्या बन चुकी है। इससे समय और व्यवसाय दोनों का नुकसान होता है। ट्रैफिक प्रबंधन और वैकल्पिक मार्ग की जरूरत है। - अशोक राज सरकारी नीतियों से फायदा मिल रहा है, लेकिन ऑन-ग्राउंड मॉनिटरिंग कमजोर है। कई योजनाओं का लाभ उद्यमियों तक सही समय पर नहीं पहुंचता। अगर निगरानी बढ़े तो उद्योगों की स्थिति और बेहतर होगी। -राजकुमार केसरी