छड़वा डैम में पानी का संकट, महज एक महीने का स्टॉक
हजारीबाग में छड़वा डैम का जलस्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे शहर में जल संकट का खतरा बढ़ गया है। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, डैम में केवल 15 फीट 6 इंच पानी बचा है, जो एक महीने का इस्तेमाल करेगा। यदि बारिश नहीं हुई, तो शहर की एक लाख से अधिक जनसंख्या को पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ सकता है।

हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि शहरवासियों के लिए एक अत्यंत चिंताजनक स्थिति उत्पन्न हो गई है। छड़वा डैम में जलस्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में शहर के सामने भीषण जल संकट का खतरा मंडराने लगा है। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार डैम में फिलहाल केवल 15 फीट 6 इंच पानी ही शेष बचा है।नगर निगम के पदाधिकारी अरुण कुमार बाउरी ने स्थिति की भयावहता को स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रतिदिन औसतन आधा इंच पानी की खपत हो रही है। इस गणित के अनुसार, डैम में अब केवल एक महीने का ही पानी का स्टॉक बचा है। यदि मानसून ने समय पर दस्तक नहीं दिया और अच्छी बारिश नहीं हुई, तो शहर की सवा लाख से अधिक आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हो सकती है。
पानी की आपूर्ति नहीं
छड़वा डैम मेले में सुरक्षा के मद्देनजर गुरुवार और शुक्रवार को बिजली आपूर्ति बाधित रखी गई थी। बिजली न होने के कारण वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की मोटरें नहीं चल सकीं, जिसका सीधा असर शहर की जलापूर्ति पर पड़ा। दो दिनों तक पाइपलाइन सूखी रहने से शहर के लोग पानी के लिए तरसते रहे और उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, शनिवार को जलापूर्ति सेवा बहाल कर दी गई है, लेकिन डैम में घटता जलस्तर लोगों के लिए किसी बड़ी मुसीबत की आहट जैसा है।
प्रशासन की चुनौती
मानसून की अनिश्चितता और गिरता भू-जल स्तर नगर निगम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गयी है। यदि समय रहते बारिश नहीं हुई, तो शहर में पेयजल की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। फिलहाल निगम के अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन डैम की वर्तमान स्थिति किसी भी समय आपातकालीन स्थिति की चेतावनी दे रही है।
लोगों की राय
पूर्व विधायक गौतम सागर राणा का कहना है कि हजारीबाग में जलापूर्ति के सिस्टम में आमूल चूल परिवर्तन की दरगार है। लोगों की भीड़ बढ़ रही है। छड़वा डैम से काम नहीं होगा। उसमें भी गहरीकरण आदि होना चाहिए। इसके विकल्प पर भी विचार किया जाना चाहिए। चमेली झरना के पानी का इस्तेमाल शहर के लोगों के लिए किया जा सकता है। योजन पुख्ता तरीके से बनायी जानी चाहिए। पहले छड़वा डैम का गहरीकरण होना चाहिए।
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राजद के वरिष्ठ नेता अर्जुन यादव कहते हैं कि छड़वा डैम की स्थिति धीरे धीरे चिंतनीय हो रही है। ऐसे में इस दिशा में शहर के लोगों को सामूहिक प्रयास करने की जरुरत है। संयोग से यहां कई नामचीन कंपनियां संचालित है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन का प्रयास करना चाहिए कि उनकी मदद से गहरीकरण का कार्य किया जाए। दो चार जेसीबी आदि उपलब्ध करवाने से कुछ दिन में उसकी गहराई हो सकती है।
फोटो गौतम सागर राणा
अर्जुन यादव
फोटो छड़वा डैम 1 और टू
बारिश नहीं होने के बाद छड़वा डैम के हालत
पानी सूखा सिमट रहा डैम का क्षेत्र
सामान्य प्रश्न
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