
तापमान में गिरावट से बिमार हो रहे बच्चों में निमोनिया का बढ़ा खतरा
हजारीबाग जिले में तापमान में उतार चढ़ाव के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। सर्दी-खांसी, निमोनिया और डायरिया जैसी बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं। शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे आसानी से बीमार हो रहे हैं और अस्पताल में इलाज के लिए संख्या बढ़ रही है।
हजारीबाग जिला प्रतिनिधि। हाल के दिनों में जिले का तापमान में उतार चढ़ाव हो रहा है। तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। इसका असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। गिरते तापमान और बढ़ते संक्रमण के कारण बच्चों को सर्दी-खांसी हो रही है। कई बच्चे निमोनिया के शिकार भी हो रहे हैं। ठंड से होने वाला डायरिया भी बच्चों को हो रहा हैं। एक सप्ताह से अधिक समय से बच्चे इन बिमारियों से ग्रसित हो रहे है। ठंड की वजह से बीमार होने वाले बच्चों की संख्या में रोज-रोज बढ़ोत्तरी हो रहा हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ के अनुसार तापमान में अधिक उतार चढ़ाव के कारण बच्चे आसानी से बिमार हो रहे हैं।

बच्चों में तेज जुकाम, खांसी, सांस लेने में कठिनाई, उल्टी, घरघराहट की आवाज जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। रोजाना शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ठंड से बीमार होने वाले बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बिमार बच्चों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही हैं। बच्चों को दिखाने के लिए कई घंटो तक इंतजार करना पड़ता है। निमोनिया या डायरिया से शिकार बच्चों को अस्पताल में भर्ती भी किया जा रहा है। बच्चों के इलाज के लिए कुछ दवा अस्पताल से मिल जाती है किंतु महंगी दवा को बाहर से खरीदना पड़ता है। सलाइन की व्यवस्था अस्पताल में है। अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में भी बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। जो निमोनिया से गंभीर रूप से पीड़ित है, उसे गहन चिकित्सा कक्ष में रख कर इलाज किया जा रहा है। फिलहाल अस्पतालों में बेड की कोई कमी नहीं है।

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