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22 अक्तूबर, 2020|8:54|IST

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पर्यावरण संरक्षण को लेकर दो दशक से जंगल बचाने में जुटे हैं डहरभंगा के परमेश्वर

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जहां लोग अपनी जरूरत एवं स्वार्थ के लिए पेड़ों को काटते चले जा रहे हैं और जंगलों का विनाश कर रहे हैं। इससे अलग टाटीझरिया प्रखंड अंतर्गत बड़ा डहरभंगा निवासी वन प्रेमी परमेश्वर प्रसाद यादव लोगों को जंगल बचाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। परमेश्वर प्रसाद यादव (45 वर्ष) पिता भुनेश्वर यादव करीब दो दशक से जंगल बचाने में जुटे हुऐ हैं। इनके जंगल से लगाव को देखते हुए डहरभंगा के ग्रामीणों ने इन्हें वन प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया है। इनकी देखरेख में हटवे, पंडरा, ढोंटवाटांड, पैसरा, खिजुरिया तरी, तेलियाबांट और राष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात दूधमटिया वन आता है। परमेश्वर प्रसाद यादव अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन करते आ रहे हैं। इसके वजह से इन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है। वह बताते हैं कि छात्र जीवन से ही जंगल बचाओ आंदोलन से जुडे हुए हैं। दूधमटिया रक्षाबंधन की शुरूआत जब 1995 में हुई थी तब से वह डहरभंगा के स्थानीय निवासी देवधारी यादव, मुंद्रिका देवी, गोमती देवी, अर्जुन यादव, विजय यादव, कौलेश्वर यादव, गिरधारी यादव, चंदर राम, सोनिया देवी, मथुरा साव, देवचंद साव आदि लोगों के साथ मिलकर संस्थापक महादेव महतो का साथ दिया। इन्हीं लोगों और डहरभंगा के ग्रामीणों ने चाहा जिसके वजह से आज दूधमटिया जंगल कई एकड़ भूमि क्षेत्र में विस्तार कर चुका है। ग्रामीण यहां दत्तुवन तोड़ना भी पाप मानते हैं। वन प्रेमी परमेश्वर प्रसाद यादव बताते हैं कि उनका शुरू से ही पेड़-पौधों से काफी गहरा लगाव रहा है। अगर वन नहीं रहा तो पर्यावरण का संतुलन बिगड़ेगा, वर्षा नहीं होगी। पर्यावरण का संतुलन न बिगड़े, इसके लिए जंगलों को संरक्षित करना बेहद जरूरी है।

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  • Web Title:God of Daharbhanga has been trying to save the forest for two decades due to environmental protection