पुरस्कार वितरण के साथ चार दिवसीय हजारीबाग पुस्तक मेले का भव्य समापन
हजारीबाग में चार दिवसीय पुस्तक मेले का समापन रविवार को हुआ। मुख्य अतिथि रोशनी सिंह ने पुस्तकों के महत्व पर जोर दिया और नई पीढ़ी को नियमित पठन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और पठन-पाठन की संस्कृति को पुनर्जीवित करने का उद्देश्य बताया गया।

हजारीबाग, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज ,डायट झील रोड परिसर में आयोजित चार दिवसीय पुस्तक मेले का समापन रविवार को औपचारिक समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के साथ हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग की एसडीओ रोशनी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ फिल्मकार उमेश राणा, कवयित्री श्वेता चंचल और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुनील यादव भी मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि रोशनी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के जीवन को दिशा और दृष्टि दोनों प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को सही मार्गदर्शन मिलता है।
उन्होंने छात्रों और युवाओं से नियमित पठन की आदत विकसित करने का आह्वान की और इस तरह के आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।आयोजन ने जगाई पढ़ने की नई चेतनासमय इंडिया, नई दिल्ली के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने कहा कि इस पुस्तक मेले का उद्देश्य केवल किताबों की बिक्री नहीं, बल्कि समाज में पठन-पाठन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने बताया कि हजारीबाग में मिले अपार समर्थन ने यह साबित कर दिया कि लोगों के भीतर पढ़ने की ललक आज भी जिंदा है। उन्होंने सभी सहयोगियों, प्रतिभागियों और आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम का संचालन एवं स्वागत चंद्र भूषण ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डायट के फैकल्टी सदस्य रंजीत वर्मा ने किया। यह मेला अपने पीछे साहित्य, ज्ञान और प्रेरणा की सशक्त छाप छोड़ गया।
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