Hazaribagh News: सड़क की बदहाली से नारकीय जीवन जीने को विवश ग्रामीण
Hazaribagh News: एनएच-100 और कटकमदाग मार्ग की बदहाली से नारकीय जीवन जीने को विवश ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कर रहे सफर हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि हजारीबाग जिले में

Hazaribagh News: हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि हजारीबाग जिले में संपर्क मार्गों की जर्जर स्थिति ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। एक ओर जहां नूतन नगर से मेन रोड होते हुए कटकमदाग जाने वाला मुख्य मार्ग बदहाल है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय उच्च पथ 100 की स्थिति भी कम दयनीय नहीं है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण इन दोनों महत्वपूर्ण मार्गों पर गड्ढों का साम्राज्य है, जिससे रोजाना हजारों राहगीरों और ग्रामीणों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। नूतन नगर से कटकमदाग मुख्य मार्ग पर बरसात के पानी ने गड्ढों को पूरी तरह छिपा दिया है, जिससे यहां सड़क कम और जानलेवा खंदक अधिक नजर आते हैं। इस मार्ग से गुजरने वाले बाइक, ऑटो और टोटो चालकों के लिए हर पल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। गहरे गड्ढों में जलजमाव के कारण कई बार वाहन पलट चुके हैं, जिससे लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। इसी तरह एनएच-100 जो सदर और दारू प्रखंड के दर्जनों गांवों के लिए लाइफलाइन है, उसकी भी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। थोड़ा सा पानी बरसते ही यह मार्ग कीचड़ और पानी से पट जाता है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता है.
इन गांवों के लोगों का होता है दैनिक आवागमन
कटकमदाग मार्ग के प्रभावित क्षेत्र कटकमदाग, पसई, रेवाली, मसरातु, बनादाग, बांका, सुल्ताना, बेदी, और कटकमसांडी प्रखंड के कंडसार, पबरा व बलियंद शामिल है।एनएच-100 से जुड़े क्षेत्र सदर प्रखंड के सिंघानी, हुटपा, लखोइया, करबेकलां, चाया और दारू प्रखंड के दारू मुख्यालय, मेहरू (बीएसएफ कैंप क्षेत्र), हरली, इरगा, जमबुआ व पुनाई शामिल है.
शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार पर सीधा असर
हजाराें ग्रामीणों के लिए जिला मुख्यालय ही उच्च शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, कोर्ट-कचहरी और दैनिक व्यापार का एकमात्र केंद्र है। सुबह होते ही छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों और सदर अस्पताल जाने वाले मरीजों की भीड़इन सड़कों पर उमड़ पड़ती है। इसके अलावा, मेरू स्थित बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर के कारण सैन्य वाहनों का और दारू क्षेत्र के किसानों द्वारा अपनी सब्जियों को हजारीबाग की मंडियों तक पहुंचाने के लिए भी इन्हीं मार्गों का उपयोग किया जाता है। चतरा और सिमरिया की ओर जाने वाले मालवाहक ट्रक भी इसी रूट से गुजरते हैं, जिससे यातायात का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है.
ग्रामीणों में आक्रोश
प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग
लगातार बढ़ रही परेशानियों से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले। बरसात के इस मौसम में नारकीय जीवन जीने को मजबूर स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल इन दोनों महत्वपूर्ण मार्गों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के निवासियों को दुर्घटनाओं और इस बड़ी मुसीबत से मुक्ति मिल सके.


