
भामाशाह विद्यालय में मदन मोहन मालवीय और अटल बिहारी वाजपेई की जयंती मनाई गई
बरही में भामाशाह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय और अटल बिहारी वाजपेई की जयंती धूमधाम से मनाई गई। प्रधानाचार्य रजनीश कुमार पांडे की अध्यक्षता में शिक्षकों और छात्रों ने महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान पर चर्चा की। अटल जी की कविताओं का पाठ भी किया गया।
बरही, प्रतिनिधि। भामाशाह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय और अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य रजनीश कुमार पांडे ने की। शिक्षक और छात्र छात्राओं ने दोनों महापुरुषों की तस्वीर पर माल्यार्पण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।आचार्य संजीव कुमार ने छात्र छात्राओं को बताया कि मदन मोहन मालवीय ने शिक्षा के साथ भारतीय संस्कार और संस्कृति के उत्थान के लिए हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। वहीं अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने प्रधानमंत्री काल में देश को उच्च शिखर पर पहुंचाने का काम किया।
आचार्य अनमोल शिवम ने अटल बिहारी वाजपेयी की कविता यह चंदन की भूमि है का पाठ किया। आचार्य विनीता ने उनकी राजनीतिक जीवन की चर्चा की। आचार्य जूली ने अटल जी कविता आओ मिल कर दीप जलाए का पाठ किया। विद्यालय के छात्र छात्राएं आराध्य, गौरव कुमार , सत्यम कुमार , दिव्यांश कुमार, पलक केशरी, आदया प्रियदर्शी, अर्पिता सिंह ने दोनों महापुरुषों के देश के लिए किए गए उनके योगदान को याद किया। प्रधानाचार्य रजनीश पांडे ने बच्चों को बताया कि अटल जी ने अपने कार्यकाल में साहसिक कदम उठाते हुए पोखरण में परमाणु परीक्षण कर दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया था।

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