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पारंपरिक सौहार्द्र से मनायी गयी बकरीद, लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर दी बधाई

ईद उल अज़हा का त्यौहार हजारीबाग में पारंपरिक उल्लास के बीच मनाया गया। जामा मस्जिद समेत शहर और आसपास की मसजिदों में नमाज पढ़ी...

पारंपरिक सौहार्द्र से मनायी गयी बकरीद, लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर दी बधाई
हिन्दुस्तान टीम,हजारीबागTue, 18 Jun 2024 12:30 AM
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हजारीबाग, वरीय संवाददाता। ईद उल अज़हा का त्यौहार हजारीबाग में पारंपरिक उल्लास के बीच मनाया गया। जामा मस्जिद समेत शहर और आसपास की मसजिदों में नमाज पढ़ी गयी। लोगोंने मौके पर देश में अमन चैन की दुआ की। सुबह की नमाज़ के बाद आपसी भाईचारा सौहार्द्र और अमन के लिए सामूहिक दुआएं की गयी। विदित हो कि हजरत इब्राहिम अलैहीसस्लाम की सुन्नत की ईद उल अजहा मनाया जाता है।
अकीदत के साथ मनाया गया ईद उल अजहा का त्योहार

विष्णुगढ़ और इसके आसपास के इलाकों में सोमवार को ईद उल अजहा का त्योहार पूरे अकीदत के साथ मनाई गई। इस मौके पर अकीदतमंदों ने नमाज अदा करते हुए अमन-चैन और भाईचारगी की कामना की। नमाज के लिए सबसे अधिक भीड़ नवादा स्थित ईदगाह मैदान में उमड़ी। जहां इमामत हाजी व हाफिज इलियास मिस्बाही ने नमाजियों को नमाज पढ़ाया। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे को गले मिलाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। नमाज के बाद अपने घरों में जाकर कुर्बानी की रस्म अदा की गई। त्योहार के दौरान किसी तरह का विद्वेष न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन की टीम विशेष रूप से मुस्तैद रही। प्रखंड के चेडरा, नवादा, बनासो, सारूकुदर, चानो, गैड़ा, बरांय, मुरगांवो, गाल्होबार, सिरैय, कुसुंभा समेत कई गांवों के मस्जिद तथा ईदगाहों में ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई। बकरीद को लेकर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष अब्बास अंसारी, जिप सदस्य शेख तैयब, प्रमुख जैबुन निशा, गैड़ा पंसस महताब हुसैन, राणा इकबाल खान समेत कई लोगों ने बकरीद की मुबारकबाद दी है।

अकीदतमंदों ने ईद उल अजहा की नमाज पढ़कर अमन और खुशहाली की दुआ की

बरही के विभिन्न गांव पंचायतों में अकीदतमंदों ने ईद उल अजहा की नमाज पढ़ी और अमन खुशहाली की दुआ मांगी। बरही में सबसे पहले कोनरा ईदगाह में नमाज अदा की गई। इसके बाद मदीना मस्जिद, मक्का मस्जिद, मस्जिद ए अक्सा और सबसे आखिर में जामा मस्जिद में अकीदतमंदों ने बकरीद की नमाज अदा की। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार गश्त कर रही थी। जगह-जगह पुलिस बल तैनात थे। बरही ईदगाह में हाजी मुशर्रफ कादरी ने बकरीद की नमाज पढ़ाई। ईदगाह में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने नमाज अदा की। बरही जामा मस्जिद में हाफिज फिरोज, मक्का मस्जिद में हाफिज अब्दुल कयूम, मदीना मस्जिद में हाजी कलीमुद्दीन रिजवी, मस्जिदे अक्सा में मौलाना रिजवालून कादरी ने ईद की नमाज पढ़ाई। रसोईया धमना ईदगाह, दुलमाहा, धनवार, बरसोत, करियातपुर, मलकोको, पड़रिया, डुमरियाडीहा, गरजामो, अलगडीहा, जवाड़, भंडारों, हथगढ़ा, गुडियो सहित अन्य मस्जिदों में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने बकरीद की नमाज अदा की। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। बरही जामा मस्जिद के पेश ए इमाम हाज़ी मौलाना मुशर्रफुल क़ादरी ने कहा की कुर्बानी पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहे वसल्लम की सुन्नत है। कुर्बानी का मतलब है अपने अंदर छिपी हुई बुराई को दूर भगाना और अच्छाई की ओर आगे बढ़ना। अल्पसंख्यक कल्याण महासमिति के अध्यक्ष मो कयूम ने नमाज अदा करने के बाद कहा कि ईद उल अजहा की कुर्बानी अपने घरों पर करें। साथ ही इस मौके पर पानी की बर्बादी न करें। इस मौके पर एक पौधा लगाकर इसे यादगार बनाएं।

कटकमसांडी व कटकमदाग में हर्षोल्लास के साथ मनाया बकरीद

इस्लाम धर्मावलंबियो का पर्व ईद उल अजहा कटकमसांडी और कटकमदाग प्रखंड में सोमवार को हर्षोल्लास व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। प्रखंड क्षेत्र के सभी मस्जिदों में लोग सुबह में पहुंचकर कर इस्लामिक रीति रिवाज के अनुसार नमाज अदा कर रहे थे। इस दौरान अपने परिवार की खुशहाली औऱ देश में अमन चैन की दुआ मांगी। साथ ही बकरे की कुर्बानी दी गई। कटकमसांडी जामा मस्जिद के सदर मुमताज शाह आलम उर्फ मिस्टर ने कहा कि ईद-उल-अजहा से इस्लाम धर्मावलंबियो का खास रिश्ता है। इस्लाम का मतलब अल्लाह में पूर्ण आस्था तथा उनके प्रति पूर्ण आत्म समर्पण है। हर मुसलमान को इस्लाम धर्म के पांच बुनियादी अरमानों को पूरा करना होता है जिसमे हज आखिरी अरकान है। उन्होंने बताया कि कुर्बानी त्याग व बलिदान का त्योहार है। बलिदान से मतलब इंसान अपनी सबसे प्यारी चीज अल्लाह की राह में खर्च करे औऱ नेकी व भलाई के कार्यों को करे। कुर्बानी को अल्लाह के प्रति पैगम्बर हजरत इब्राहीम के त्याग औऱ बलिदान को आज भी परंपरागत रूप से याद किया जाता है। इधर ईद-उल-अजहा मनाये जाने को लेकर कटकमसांडी, कटकमदाग और पेलावल ओपी पुलिस अपने अपने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेती रही।

बड़कागांव में ईद का त्योहार शांतिपूर्वक व धूमधाम से संपन्न

बड़कागांव प्रखंड में ईद-उल-अजहा बकरीद का त्योहार सोमवार को धूमधाम व शांतिपूर्णढंग से संपन्न हो गया। प्रखंड के सभी मस्जिदों में सुबह के समय से ही नमाज अदा करने के लिए नमाजी जुटने लगे। नमाजियों ने नमाज अदा कर अमन चैन की दुआ की और एक दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। नमाज के बाद लोगों ने अपने घरों में जाकर कुर्बानी की रस्म अदा की। प्रखंड के चौपदार बलिया जमा मस्जिद, बादम जामा मस्जिद, बड़कागांव जामा मस्जिद, चट्टी मस्जिद, बादम मोकद्दस मस्जिद, सिरमा मस्जिद, महुदी मस्जिद, महुगाई मस्जिद, चंदौल मस्जिद, डाडी मस्जिद, चेपा मस्जिद, सिंदूवारी मस्जिद, नगड़ी मस्जिद, महुगाई मस्जिद, हाहे मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई।

इस्लामी कैलेंडर के अंतिम माह जिल्हिज्जा की 10 जून से तीन दिवसीय कुर्बानी का पर्व ईद-उल-अजहा मनाया जाता है। यह महीना हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की यादगार है। जिसकी पूरी जिन्दगी कुर्बानी में ही गुजरी। खुदा ने हजरत इब्राहिम से अपने बेटे की कुर्बानी तलब की थी। बकरीद कुर्बानी का पर्व है। यह त्योहार हमें प्रेम, सद्भावना, त्याग और बलिदान की प्रेरणा देती है। बकरीद पर्व के अवसर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रही। प्रखंड क्षेत्र के सभी मस्जिदों के इर्द-गिर्द कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। एसडीपीओ कुलदीप कुमार, इंस्पेक्टर अनिल सिंह और थाना प्रभारी मुकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रखंड के सभी गांव में पुलिस के अधिकारी और जवान गश्ती करते रहे।

सौहार्दपूर्ण ढंग से बकरीद पर्व संपन्न

पदमा प्रखंड में बकरीद का त्योहार सोमवार को हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण वातावरण मे संपन्न हो गया। यहां विभिन्न मस्जिदों तथा ईदगाहों में लोगों ने बकरीद की नमाज अदा की। पदमा प्रखंड मुख्यालय स्थित ईदगाह मैदान में 6:30 बजे नमाज अदा की गई। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन के जवान दल बल के साथ सभी स्थलों का जायजा लेते रहे। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक दूसरे को बधाई दी।

इचाक में धूमधाम से मनी बकरीद

इचाक प्रखंड के मुस्लिम बहुल गांवों में ईद उल अजहा (बकरीद) का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। सोमवार की सुबह मुस्लिम धर्मावलंबियों की भीड़ बकरीद की नमाज अदा करने के लिए उमड़ पड़ी। नमाजियों ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद उल अजहा बकरीद की मुबारकबाद देते हुए अमन चैन की दुआ रब से मांगी। त्योहार में किसी प्रकार की खलल न पड़े साथ ही किसी समुदाय के धार्मिक भावना को ठेस न पहुंचे इसे लेकर मस्जिदों और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में पुलिस बल के साथ दंडाधिकारियों की प्रति नियुक्ति की गई थी। थाना प्रभारी संतोष कुमार और अंचलाधिकारी रामजी प्रसाद गुप्ता शरारती तत्वों और हुड़दंगियों पर पैनी नजर जमाए हुए थे। उन्होंने बताया कि बकरीद पर्व के दौरान कहीं से कोई घटना की सूचना नहीं मिली है। त्योहार को शांति पूर्ण समापन में सहयोग के लिए दोनों समुदाय और लोगों को साधुवाद दिया है।

बकरीद का पर्व धूमधाम से मनायी गयी

चुरचू प्रखंड तथा कोयलांचल के चरही, इंद्रा, जरबा, बासाडीह, दासोखाप, चीचीकला, करीमगंज, पिपरा, तापीन, प्रेमनगर आदि क्षेत्रों में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने सोमवार को बकरीद का पर्व धूमधाम से मनाया। सूर्योदय के बाद विभिन्न मस्जिदों और घरों में नमाज अदा करने के बाद कुर्बानी दी गई। इसके बाद एक-दूसरे के गले मिलकर बकरीद की बधाई दी गई। मुस्लिम धर्म के लोगों का कहना है कि यह पैगम्बर हजरत इब्राहिम से ही कुर्बानी देने की प्रथा शुरू हुई थी। धर्म के लोगों ने देश के विकास और अमन चैन के लिए दुआएं मांगी।

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