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स्टोन चिप्स लोड करते ही खराब हो जा रहे हैं ट्रक

गावां। गावां के रास्ते बिहार में गिट्टी की तस्करी मामले की जांच में हैरान करनेवाले तथ्य सामने आए हैं। तस्कर सिस्टम की आंखों में धूल झोंक कर यूपी का...

स्टोन चिप्स लोड करते ही खराब हो जा रहे हैं ट्रक
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हिन्दुस्तान टीम,गिरडीहTue, 18 Jun 2024 02:45 AM
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गावां। गावां के रास्ते बिहार में गिट्टी की तस्करी मामले की जांच में हैरान करनेवाले तथ्य सामने आए हैं। तस्कर सिस्टम की आंखों में धूल झोंक कर यूपी का परिवहन परमिट निर्गत करवाकर पहले परमिट का समय बढ़वाते हैं, फिर उसी परमिट पर दो से तीन फेरा गिट्टी बिहार खपाया जा रहा है।
बता दें कि स्टोन चिप्स तस्करी का मामला सामने आने के बाद इसकी जांच हुई तो गिट्टी के परिवहन में चौंकाने वाला मामला लगातार सामने आ रहा है। मामला स्टोन चिप्स लदे ट्रकों की रफ्तार से जुड़ी है। ऐसे ट्रक एक घंटे में एक किमी से कम की दूरी तय कर रहे हैं। जी हां! एक घंटे में एक किलोमीटर से कम की दूरी तय कर रहे हैं ट्रकें। इसका खुलासा गावां अंचलाधिकारी अविनाश रंजन और गावां थाना पुलिस की संयुक्त जांच में हुआ है। दरअशल प्रशासन को लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि गिरिडीह-कोडरमा से परिवहन परमिट के बगैर ही हर रोज सौ से अधिक ट्रकें (गिट्टी लदी) गावां होकर बिहार जा रहे हैं। डीसी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर इसकी जांच शुरू की गई। पहली जांच 12 जून को की गई। इस दौरान सीओ ने लगभग 8-10 गिट्टी लदे ट्रकों को रोका। ट्रक पर सवार चालक से परिवहन परमिट की मांग की गई। दूसरी जांच 15 जून को हुई। इस दिन भी 10 से अधिक ट्रकों में लदे गिट्टी के परिवहन परमिट की जांच हुई, तो तस्करों की चालाकी सामने आई। यहां ट्रक चालकों ने परमिट दिखाया। सभी गाड़ियों में परिवहन परमिट उतर प्रदेश के सहारनपुर या बिहार के पश्चिमी चम्पारण तक निर्गत था। यूपी जानेवाली गाड़ियों में मिले चालान की वैधता 72-73 घण्टे की थी, लेकिन क्रशर से गावां तक लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय करने में ही सभी गाड़ियों को 50-55 घण्टे का समय लग चुका था। यह देख कर सीओ चौंक गए। उन्होंने सभी चालकों से पूछताछ की तो सभी ने एक ही रटा रटाया जवाब दिया। चालक के द्वारा कहा गया कि ट्रक ब्रेकडाउन हो गया था। इसी वजह से उन्हें देरी हुई। चूंकि गिट्टी का परमिट था तो सभी वाहनों को छोड़ दिया गया। इस चेकिंग के चार तीन दिन बाद फिर से गिट्टी लदे ट्रकों को रोका गया तो 12 जून की कहानी फिर से सामने आयी। फिर उसी तरह 50 किमी की दूरी तय करने में 50-55 घंटे का समय लगा था और चालक का जवाब वही था कि वाहन खराब हो गया था। हालांकि यह गड़बड़ी सिर्फ गिरिडीह के क्रशरों से निर्गत परिवहन परमिट में ही देखने को मिली। दुमका और पाकुड़ से गिट्टी लेकर आ रही गाड़ियां में कोई गड़बड़ी नहीं मिली।

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