‘गरीबों व जरुरतमंदों की आवाज थे पूर्व विधायक चंद्रिका’
देवरी के तपसीडीह गांव में जन्मे पूर्व विधायक स्व चन्द्रिका महथा ने अपनी जन सेवा से क्षेत्र में मिसाल कायम की। उन्होंने शिक्षा प्राप्त करने के बाद समाजसेवा में कदम रखा और कई बार विधायक बने। 28 जनवरी 2024 को उनका निधन हुआ। उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

देवरी, प्रतिनिधि। जमुआ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रहे देवरी के तपसीडीह गांव में साधारण परिवार जन्मे स्व चन्द्रिका महथा ने लोगों की असाधारण जन सेवा कर क्षेत्र के लिए मिसाल बन गए थे। उनकी असाधारण कार्य प्रतिभा की कमी आज भी लोगों को खलती है। 28 जनवरी को तपसीडीह पैतृक गांव में उनकी पुध्यतिथि मनाई जाएगी। इस सम्बंध में बताया जाता है कि तपसीडीह गांव निवासी कोल इंडिया धनबाद में कार्यरत मजदूर मुंशी महथा के पुत्र स्व चन्द्रिका महथा बचपन से कुसाग्र बुद्धि के थे। प्रारम्भिक शिक्षा उन्होंने अपने गांव से तीन किलोमीटर दूर कर्मा नदी पार कर मध्य विद्यालय मकडीहा से प्राप्त की थी।
अनुसूचित जाति विद्यालय बरसोत (हजारीबाग) में माध्यमिक शिक्षा प्राप्त कर गिरिडीह कॉलेज गिरिडीह से स्नातक एवं रांची विश्व विद्यालय से स्नातकोत्तर की शिक्षा पूरी की। बाद में वे क्षेत्र में गरीबी व पिछड़ेपन को देखकर समाजसेवा में जुड़ गये। पूर्व विधायक स्व बलदेव हाजरा के मार्गदर्शन में कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ कर अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2005 में झारखंड मुक्ति मोर्चा से चुनाव लड़ा था। जिसमे कुछ ही मतों के अंतर से चुनाव हार गये थे। 2009 में वे झारखण्ड विकास मोर्चा से चुनाव लड़कर पहली बार जमुआ के विधायक बने। उन्होंने वर्ष 2014 एवं 2019 में जमुआ विधान सभा से चुनाव लड़े जिसमें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वे बीमारी से पीड़ित हो गए। इलाज के क्रम में 28 जनवरी 2024 को उनका निधन हो गया था। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को तपसीडीह स्थित उनके पैतृक आवास में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रृद्धांजलि दी जाएगी।

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