महिलाओं के बीच चूजा का वितरण
गांडेय प्रखंड के महेशमुंडी गांव में महिला किसानों को बकयार्ड मुर्गी और बतख पालन का प्रशिक्षण दिया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक ने बताया कि ये गतिविधियाँ महिलाओं की आय को दोगुना करने में मदद कर सकती हैं। प्रशिक्षण के बाद मुर्गी और बतख के चूजा भी वितरित किए गए।

गांडेय, प्रतिनिधि। गांडेय प्रखंड के उदयपुर पंचायत के महेशमुंडी गांव में शुक्रवार को क़ृषि विज्ञान केंद्र गिरिडीह और अभिव्यक्ति फाउंडेशन के द्वारा महिला किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं को यह प्रशिक्षण बकयार्ड मुर्गी पालन, बतख पालन के विषय में दिया गया। प्रशिक्षण के बाद महिला किसानों के बीच मुर्गी और बतख के चूजा का वितरण भी किया गया। इस विषय में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डा प्रमोद कुमार ने कहा कि मुर्गी, बतख का पालन कर महिलाएं अपनी आय को दोगुना कर सकती हैं। प्रक्षेत्र पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि जिनके पास खेती योग्य जमीन नहीं है वह किसान बतख, मुर्गी पालन कर सकते हैं, समेकित क़ृषि प्रणाली क़ो अपना कर जीविकोपार्जन कर सकते हैं।
अभिव्यक्ति फाउंडेशन के फील्ड ऑफिसर भीम प्रसाद सिंह ने कहा कि अपने परिवार एवं बच्चे के पोषण बढ़ाने हेतु बतख, मुर्गी पालन कर अंडा, मांस का उपयोग कर सकते हैं। साथ में बिक्री कर भी अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।
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