घर वालों की डांट से बचने के लिए बसंत ने रची खुद की अपहरण की साजिश
जमुआ थाना क्षेत्र के ग्राम नारोबाद का 16 वर्षीय बसंत हाजरा ने घरवालों की डांट से बचने के लिए खुद का अपहरण होने की झूठी कहानी बनाई। उसने घर से गायब रहने के बाद अपने भाई को बताया कि उसे अपहरणकर्ताओं ने बाइक पर लादकर ले जाने की कोशिश की। अंत में, वह सुरक्षित घर लौट आया।

जमुआ, प्रतिनिधि। जमुआ थाना क्षेत्र के ग्राम नारोबाद गांव निवासी जितेंद्र हाजरा के 16 वर्षीय पुत्र बसंत हाजरा ने घर वालों की डांट से बचने के लिए खुद के अपहरण हो जाने की साजिश रची। बताते चलें कि बसंत हाजरा भिखोडीह स्थित पैराडाइज स्कूल के सातवीं कक्षा का छात्र है। उसने जमुआ पुलिस को दिए बयान में कहा है कि वे बीते तीन चार दिनों से स्कूल नहीं गया था। लिहाजा उसे डर था कि उसके घरवाले उसके साथ मारपीट एवं डांट-फटकार करेगें। यही वजह है कि उसने बीते मंगलवार को दिन भर घर से गायब रहने के बाद अपने भाई सूरज हाजरा को सूचित किया कि वह रानीखावा स्थित परियाणा पुल के पास है।
सूचना पाकर भाई उसे घर ले आए। घरवालों को उसने बताया कि दो अंजान लोग बाइक से आए और बोरे में भरकर मोटर साइकिल में लादा और गिरिडीह की ओर ले जाने लगे। उसके द्वारा काफी शोर मचाने पर उसे परियाणा पुल के पास उतारकर अपहरणकर्ता भाग निकले। गौरतलब है कि बसंत हाजरा के कथित अपहरण की सूचना बसंत के परिजनों ने जमुआ पुलिस को भी दे दी थी। लिहाजा बसंत हाजरा की तलाश में जमुआ पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। स्वयं पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार एवं खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद इस मामले पर नजर रख रहे थे। इधर बसंत के सकुशल घर वापस लौट जाने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


