सरहुल महोत्सव मांदर की थाप पर खूब झूमे लोग
खोरीमहुआ में आदिवासी जोहार समिति द्वारा सरहुल महा उत्सव 2025 का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सनातन मरांडी ने आदिवासी समाज को एकजुट होने का संदेश दिया। कार्यक्रम में रांची से आए कलाकारों ने आदिवासी...

खोरीमहुआ, प्रतिनिधि। खोरीमहुआ अनुमण्डल आदिवासी जोहार समिति द्वारा सरहुल महा उत्सव कार्यक्रम 2025 का आयोजन मंगलवार को खोरीमहुआ अनुमण्डल मैदान में किया गया। जिसका नेतृत्व आदिवासी समाज के नेता सुकेज हेम्ब्रम कर रहे थे। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सनातन मरांडी, व सिकन्दर हेंब्रम उपस्थित थे। सरहुल महा उत्सव में रांची से आए कलाकरों ने आदिवासी गीत संगीत से समां बांधा। परंपरागत गीत-नृत्य और मांदर की थाप पर लोग खूब झूमे। इस दौरान सनातन मरांडी ने कहा कि दिशोम बाहा पर्व जिसे सरहुल पर्व के रुप में आदिवासी समाज मनाते आ रहे हैं। यह पर्व सभी आदिवासी समाज के लोग अपने-अपने क्षेत्र में मनाते है। आज समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से अनुमण्डल स्तरीय सरहुल महा उत्सव मनाया जा रहा है। यह उत्सव समाज के संरक्षण के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए मनाया जा रहा है। कहा कि राज्य और देश के आदिवासियों को संदेश देने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है, ताकि सभी आदिवासी एक मंच पर आकर अपना और अपने प्रदेश की उन्नति में भागीदारी निभा सकें। सुकेज हेंब्रम ने कहा कि आदिवासी समाज आज भी पिछड़ा हुआ है। इसका एकमात्र कारण संगठित नहीं होना है। आज आदिवासी समाज के लोगों द्वारा बीते वर्ष की भांति एक बार पुनः अनुमण्डल स्तरीय कार्यक्रम करके आदिवासी समाज को एकजुट कर एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि आज आदिवासी समाज को ना राजनीतिक लाभ मिल पा रहा है और ना ही प्रशासनिक लाभ मिल रहा है। आज भी समाज पिछड़ा हुआ है। हम मंच के माध्यम से समाज को एकजुट करने का प्रयास कर रहें है। प्रशासन को भी दिखाना चाहते है कि इस क्षेत्र में भी आदिवासी समाज है जो प्रसशसनिक राजनीतिक स्तर पर पिछड़ा है। आदिवासी समाज को तरजीह नहीं दिया जा रहा है। कहा कि आदिवासी समाज अपने हक अधिकार के लिए सदैव लड़ते रहेंगे। वहीं कार्यक्रम की शुरुआत प्रकृति पूजा और अतिथियों को झारखंडी परम्परा के अनुसार स्वागत करके किया गया। जिसके उपरांत खोरीमहुआ अनुमण्डल क्षेत्र के पांचों प्रखंडो से आए हुए आदिवासी समाज के हजारों लोगों द्वारा रैली निकालकर उपस्थिति दर्ज करायी गयी। जिसके उपरांत अनुमण्डल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और अपने-अपने विचारों को रखा। संचालन किशोर मुर्मू कर रहे थे। कार्यक्रम में बिनोद हेम्ब्रम, एनासियस हेम्ब्रम, बाबूलाल मुर्मू, दिलीप पासवान, लालो हेम्ब्रम, लोबिन हेम्ब्रम, नरेश हेम्ब्रम, शिबू हेम्ब्रम, कान्हू बास्के, संतोष मरांडी, ब्रह्मदेव मुर्मू, सुरेश मुर्मू, दिनेश मुर्मू, गणेश टुडू, बिनोद हेम्ब्रम, सुधीर मरांडी, बड़कू मरांडी सहित सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।
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