अधिकांश आंबा सेंटरों में चार माह पूर्व लगाई गई आरओ मशीन चालू नहीं

Feb 03, 2026 05:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
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बेंगाबाद प्रखंड के आंगनबाड़ी सेंटरों में लाखों रुपए खर्च कर आरओ मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन ये मशीनें महीनों से बंद हैं। नौनिहालों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल रहा है, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। संबंधित विभाग ने लाखों रुपए खर्च किए, लेकिन बच्चे स्वच्छ पानी से वंचित हैं।

अधिकांश आंबा सेंटरों में चार माह पूर्व लगाई गई आरओ मशीन चालू नहीं

बेंगाबाद, प्रतिनिधि। बेंगाबाद प्रखंड के आंगनबाड़ी सेंटरों में लाखों रुपए खर्च कर लगाई गई आरओ मशीन सेंटर की शोभा बढ़ा रही है। आरओ मशीन महीनों से बंद है। इस परिस्थिति में नौनिहालों को स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हो रह है। विभिन्न सेंटरों में आरओ मशीन को लगााए चार माह से अधिक बीत गए हैं, लेकिन मशीन चालू नहीं की जा सकी है। जिससे व्यवस्था पर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। सेंटर के बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग द्वारा लाखों रुपए सरकारी राशि खर्च किए गए, लेकिन बच्चों को स्वच्छ पानी नहीं मिला। जानकारी मिली है कि दिल्ली की एक एजेंसी द्वारा बेंगाबाद प्रखंड के चयनित 27 सेंटरों में वाटर प्यूरी फायर मशीन लगाई गई थी।

मशीन लगाने के बाद एजेंसी ने दोबारा इसकी सुधि तक नहीं ली और क्षेत्र से गायब हो गई। सेंटर की सेविका आरओ मशीन चालू होने की आस में हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत भी सेंटर में इस व्यवस्था को सुदृढ़ नहीं किया गया है। रनिंग वाटर की सुविधा नहीं और लगा दी आरओ मशीन बेंगाबाद प्रखंड के कुछ सेंटरों को छोड़कर ज्यादातर सेंटरों में रनिंग वाटर की सुविधा उपलब्ध तक नहीं है। फिर भी आंगनबाड़ी सेंटर में वाटर प्यूरी फायर मशीन लगा दी गई। जिस कारण बच्चों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कुछ सेंटरों में छोटे छोटे प्लास्टिक के ड्रम रख दिए गए हैं। ड्रम में बाल्टी से पानी भरा जाता है और वाटर प्यूरी फायर सिस्टम चालू करने की महज औपचारिकता निभाई गई है। इतना ही नहीं कुछ सेंटरों में बिजली के कनेक्शन पर भी आफत है। कुछ सेंटर में बिजली की व्यवस्था है भी तो वहां स्वीच बोर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। स्पष्ट है कि इन सारी व्यवस्था को पूर्व में सुदृढ़ किए बगैर वाटर प्यूरी फायर सिस्टम को लगा कर महीनों से छोड़ दिया गया है। व्यवस्था के अभाव में यह सिस्टम व्यर्थ और अनुपयोगी साबित हो रहा है। इस मद में लाखों रुपए सरकारी राशि खर्च होने के बाद भी बच्चों को स्वच्छ पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। समाजसेवियों ने इस मामले की जांच कर व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है। कुछ सेंटरों में चालू है आर ओ सिस्टम आंगनबाडी सेंटरों की पर्यवेक्षिका किरण सिन्हा, ज्योति हेम्ब्रम और प्रीति मिंज ने संयुक्त रूप से कहा कि बेंगाबाद प्रखंड क्षेत्र में कुल 160 आंगनबाड़ी सेंटर हैं। इन सेंटरों को पांच सेक्टर में विभाजित किया गया है। संबंधित सेक्टर में पड़नेवाले सेंटरों की मोनेटरिंग के लिए तीन पर्यवेक्षिका प्रतिनियुक्त है। पर्यवेक्षिकाओं का कहना है कि प्रखंड के 27 चयनित सेंटरों में आरओ मशीन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसमें कुछ सेंटरों में आरओ से पानी लिया जा रहा है। अधिकांश सेंटरों का आरओ बंद है। कहा कि चार माह पहले सेंटरों में आरओ मशीन लगाई गई थी। फोटो: 03 जीआरडी 191 बेंगाबाद के एक सेंटर में लगी वाटर प्यूरी फायर मशीन।

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