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अपह्वत मजदूरों की सकुशल रिहाई के लिए पूर्व विधायक ने जताया आभार

अपह्वत मजदूरों की सकुशल रिहाई के लिए पूर्व विधायक ने जताया आभार

संक्षेप:

बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने नाइजर में आठ माह तक अपहृत पांच प्रवासी श्रमिकों की रिहाई पर प्रतिक्रिया दी। श्रमिक संजय महतो, उत्तम महतो, फलजीत महतो, राजू महतो और चन्द्रिका महतो की भारत वापसी हुई। उन्होंने सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया और श्रमिकों के हित में कानून बनाने की मांग की।

Jan 11, 2026 02:49 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
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बगोदर। नाइजर में आठ माह से अधिक समय तक अपहृत बगोदर के पांच प्रवासी श्रमिकों की रिहाई पर प्रवासी मजदूरों के हितार्थ हमेशा आगे रहने वाले बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। उन्होंने कहा है कि अंततः आठ माह बाद बगोदर के प्रवासी श्रमिक संजय महतो, उत्तम महतो, फलजीत महतो, राजू महतो और चन्द्रिका महतो जिनका नाइजर में अपहरण हो गया था, उनकी सकुशल भारत वापसी हो गई है। उन्होंने इसके लिए राज्य व केंद्र, नाइजर सरकार एवं संबंधित कंपनी को उनकी सकुशल वापसी हेतु धन्यवाद दिया है। उन्होंने भाकपा माले विधायक अरुप चटर्जी और माले सांसद सुदामा प्रसाद को धन्यवाद दिया है।

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कहा है कि जिन्होंने विधानसभा से संसद तक में बात रखी। उन्होंने बगोदर और गिरिडीह की तमाम जनता की आवाज को सलाम किया। जिन्होंने भाकपा माले, ऐपवा और आरवाईए के बैनर तले शुरुआत से आंदोलन की थी। उन्होंने कहा कि लगातार सड़क पर दबाव बनाए रखने एवं परिवार के साथ खड़े रहने के परिणामस्वरूप ही कंपनी पर दबाव बढ़ा और परिजनों को मासिक सहायता मिलती रही। सड़क से सदन तक यह जनदबाव और मीडिया की खोज खबर ही थी की शुरूआती शिथिलता के बाद राज्य और केंद्र सरकार व कंपनी गंभीर हुई। उन्होंने प्रवासी श्रमिकों के परेशानी को देखते हुए उनके हित में कानून बनाए जाने की एक बार फिर मांग की है। कहा है कि एक तरफ उन श्रमिकों के वापस लौटने की खुशी है, वहीं डुमरी प्रखंड के विजय महतो का परिवार अभी भी अपने पुत्र के शव के इंतजार में हैं। विजय जो सऊदी अरब में हुंडई कंपनी में कार्यरत था। पुलिस अपराधी की गोलीबारी की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई है। घटना के तीन माह बाद भी उनका शव नहीं आया है। कम्पनी मुआवजा की गारंटी नहीं कर रही है। राज्य व केंद्र सरकार गंभीर होकर कम्पनी पर दबाव बनाए। पीड़ित परिवार को सहायता मिलें।