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रघुवर को चीन नहीं, दिल्ली जाकर सीखने की जरूरत

झारखंड के मुख्यमंत्री को चीन नहीं दिल्ली जाकर वहां देखना चाहिए कि दिल्ली में 24 घंटे बिजली कैसे मिल रही है। जबकि झारखंड में कोयला और बिजली का उत्पादन होते हुए बिजली के लिए आम लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। दिल्ली में पारा टीचर ( कॉन्ट्रेक्ट टीचर ) को 34000/- रुपए वहां की सरकार कैसे दे रही है और यहां के पारा टीचर को 7 हजार मिल रहे हैं।उक्त बातें आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक कृष्ण मुरारी शर्मा ने मंगलवार को गाण्डेय विधानसभा क्षेत्र के महेशमुंडा में विधानसभा उपाध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए कही। दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में कैसे बदलाव आया। आंगनबाड़ी सेविका को 10171/- रुपए मानदेय हर महीना वहां की सरकार कैसे दे रही है जबकि झारखंड में 5000/-रुपए उन लोगों को मिल रहा है। वृद्धा पेंशन दिल्ली में ही 2500/-रुपए महीना जबकि यहां 600/- रुपए वो भी नियमित नहीं है। इसलिए सीएम को चीन की नहीं दिल्ली की यात्रा करनी चाहिए। इतना ही नहीं भाजपा और इससे जुड़ी ईकाईयां चीनी सामान का बहिष्कार करती रही है फिर चीन यात्रा कर येलोग किनकों बेवकूफ बना रहे हैं। देश का 40% खनिज झारखंड में है और यहाँ के शिक्षित बेरोजगार पलायन करने को मजबूर हैं। जबकि दिल्ली आधी -अधूरी राज्य होने के बावजूद वहां की सरकार गरीबों के हित में कई कल्याणकारी कार्य करके एक उदाहरण देश और विश्व के सामने प्रस्तुत किया है।

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  • Web Title:Raghuvar is not China need to learn from Delhi