बेंगाबाद: जरुरी सुविधाओं की कमी से नावासारी टोल की व्यवस्था चरमराई

Jan 03, 2026 01:02 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
share Share
Follow Us on

बेंगाबाद नावासारी टोल की व्यवस्था अत्यंत खराब है। यात्रियों को स्वच्छ जल, शौचालय और अन्य सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। टोल पर अंधेरा होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय समाजसेवियों और राजनीतिक संगठनों ने इसकी गंभीरता को उठाया है, लेकिन एनएचआई ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

बेंगाबाद: जरुरी सुविधाओं की कमी से नावासारी टोल की व्यवस्था चरमराई

बेंगाबाद, प्रतिनिधि। बेंगाबाद नावासारी टोल की व्यवस्था चरमरा गई है। भारी कुव्यवस्था के बीच टोल का संचालन किया जा रहा है। बेंगाबाद एनएच 114 के निर्माण होने के बाद नावासारी में टोल लगाया गया। टोल लगने के बाद एक के बाद दूसरी कंपनी आती गई, लेकिन किसी कंपनी ने टोल पर यात्रियों की सुविधा पर ध्यान नहीं दिया। अधिकांश कंपनी टोल पर कर्मचारियों के तैनात कर टोल पर वाहनों से केवल वसूली की। एनएच पथ ग्रामीण इलाके में होने के कारण किसी ने टोल की कुव्यवस्था के खिलाफ मुखर रूप से आवाज नहीं उठाई। टोल के निविदाधारक ने इसका फायदा उठाया और संसाधनों के भारी अभाव के बीच टोल का संचालन किया जा रहा है।

हालांकि बेंगाबाद के कई समाजसेवियों से लेकर राजनीतिक संगठन के लोगों ने नवासारी टोल की कुव्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर सवाल जरूर खड़े किए हैं। बाबजूद इसके एनएचआई द्वारा इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जिससे टोल पर कुव्यवस्था को लेकर मामला भड़कने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। असुविधा के बीच टोल पर सफर करते हैं यात्री: बेंगाबाद नावासारी टोल पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय रिफ्रेशमेंट, पेट्रोल, प्राथमिक उपचार, मैकेनिकल, रोशनी के व्यापक इंतजाम सहित कई अन्य संसाधनों का यहां घोर अभाव देखा जा रहा है। टोल पर यात्रियों के लिए सबसे पहले स्वच्छ शौचालय नहीं है। टोल से कुछ दूरी पर बने कार्यालय के पास शौचालय है। कार्यालय बंद रहने के कारण लोग शौचालय का उपयोग नहीं कर पाते हैं। टोल पर पीने के लिए स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं है। दिखावे के लिए जार में पानी रख दिया जाता है। जो पानी पीने योग्य नहीं है। यात्रियों के वाहनों में तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए स्थानीय स्तर पर मैकेनिकल की व्यवस्था भी नहीं है। टायर ब्लास्ट होने या पंक्चर होने पर यात्रियों को परेशानी का सामना भी करना पड रहा है। टोल में एम्बुलेंस की सुविधा जरूर है लेकिन समय पर लोगों को एम्बुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाती है। इतना ही नहीं टोल में व्याप्त भारी कुव्यस्था के कारण सड़क सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। यहां रोशनी की भी व्यापक प्रबंध नहीं है। शाम ढलने के बाद टोल पर अंधेरा पसर जाता है। टोल के वेपर लाईट से लेकर हाई मास्ट लाइट कई वर्षों से बंद और बदहाल है। जिससे शाम ढलने के बाद वाहनों को टोल पार करने में भारी परेशानी हो रही है। रोशनी के अभाव मे टोल पर सड़क दुर्घटना की संभावना बनी रहती हैं। इधर, टोल संचालक शंशाक सिंह कहा कहना है कि पूर्व की कंपनी से ही लाइट बंद पड़ी है। इसमे मैं क्या कर सकता हूं। मैने इसकी शिकायत कब का कर दिया है। अन्य संसाधनों के सवाल पर कहा कि आपको जानकारी का अभाव है। लोकतंत्र में स्वतंत्र हो जी छापते रहो। मना तो नहीं कर सकते हैं। कार्यालय बंद रहने के सवाल पर कहा कि वहां सामान भरा पड़ा है। इसलिए ताला बंद रहता है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।