उदनाबाद के यज्ञ में सुनाई गई राजा प्रताप भानु की कथा
गिरिडीह के उदनाबाद में चल रहे श्रीश्री 1008 श्रीमद भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। आचार्य चंदन कृष्ण शास्त्री ने राजा प्रताप भानु की कथा सुनाई और संतों के महत्व पर प्रकाश डाला। वृंदावन से आई देवी कृष्णा बृजेश्वरी ने भगवान की बाल लीला का वर्णन किया। कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।

गिरिडीह, प्रतिनिधि। सदर प्रखंड के उदनाबाद में चल रहे श्रीश्री 1008 श्रीमद भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सह राधा कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा में सोमवार को प्रवचन सुनने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा में वृंदावन धाम से पधारे श्री राम कथा के आचार्य चंदन कृष्ण शास्त्री ने राजा प्रताप भानु की कथा सुनाई और लोगों को यह उपदेश दिया कि जीवन में संत को पहचानना सीखें। यदि समर्थ सदगुरू की शरणागति हो जाएं तो जीवन सफल हो जाता है। यदि जीवन में किसी कपटी मुनि का संग हो जाए तो जीवन नर्क हो जाता है। इसीलिए संत और असंत को पहचानें। वृंदावन से पधारी हुई श्रीमद्भागवत कथावाचन कर रही देवी कृष्णा बृजेश्वरी ने भगवान के बाल लीला का वर्णन बड़े भाव के साथ किया।
कहा कि 7 वर्ष की उम्र में सात कोस के विशाल गिरिराज पर्वत को अपनी कनिष्का उंगली में धारण कर गिरधर कहलाए। यज्ञ में गिरिडीह के पूर्व सांसद रविंद्र कुमार पांडेय अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए और वृंदावन से पधारे कथावाचक से आशीर्वाद प्राप्त कर कथा को सुना। कार्यक्रम में संरक्षक दिलीप उपाध्याय, अध्यक्ष विनय सिन्हा, संयोजक भिखारी मास्टर, दीपक पंडित, उदय वर्मा, नरेश यादव, विनोद राणा, दीपक उपाध्याय, राजेंद्र यादव, डॉक्टर उपेंद्र वर्मा, श्रीकांत वर्मा, श्याम प्रजापति, जागेश्वर तुरी, टिंकू वर्मा, सुजीत साव, कृष्णा स्वर्णकार, प्रकाश वर्मा, बीरेंद्र वर्मा, बाली वर्मा, विकास साव, गणेश तुरी, दुर्गा वर्मा, सुवेश यादव, जगदीश वर्मा, सुरेंद्र यादव, पूरन महतो, संजय राणा, पंचानंद वर्मा, गिरजा वर्मा आदि उपस्थित थे।
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