डुगडुगी बजाकर अनुमंडल कार्यालय का घेराव

हिन्दुस्तान, गिरडीह
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खोरीमहुआ में जमीन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को महेशमरवा मौजा में दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया, जब आदिवासी समुदाय ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष द्वारा उनकी ख्तियानी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

डुगडुगी बजाकर अनुमंडल कार्यालय का घेराव

खोरीमहुआ, प्रतिनिधि। खोरीमहुआ अनुमंडल क्षेत्र में जमीन से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक उदासीनता और समय पर स्पष्ट निर्णय नहीं होने के कारण कई मामलों में दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी रहती है। इसका ताजा उदाहरण शुक्रवार को देखने को मिला, जब धनवार अंचल के महेशमरवा मौजा की जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए और मामला अनुमंडल कार्यालय तक पहुंच गया। जमीन विवाद के निपटारे की मांग को लेकर लगभग सौ की संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष पारंपरिक हथियार तीर-धनुष, भाला आदि लेकर तथा डुगडुगी बजाते हुए खोरीमहुआ अनुमंडल कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए घेराव किया।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि उनके ख्तियानी जमीन पर दूसरे पक्ष द्वारा जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मिट्ठू हेम्ब्रोम (पिता स्व. बुधन हेम्ब्रोम) एवं सूरज हेम्ब्रोम (पिता स्व. बंशी हेम्ब्रोम), निवासी महेशमरवा, थाना घोड़थम्भा ओपी, जिला गिरिडीह ने प्रशासन को दिए आवेदन में बताया कि मौजा महेशमरवा के खाता संख्या 50, प्लॉट संख्या 639, रकबा 26 एकड़ 80 डिसमिल जमीन गैरमजरुआ खास है, जिस पर वर्षों से आदिवासी समाज के लोग दखलकार हैं और खेती-बारी कर जीवन यापन करते हैं। आरोप लगाया गया कि 20 जनवरी 2026 को दूसरे पक्ष के लोग जेसीबी मशीन लेकर आए और लगभग 10 डिसमिल जमीन में जबरन नींव खोदने लगे। विरोध करने पर गाली-गलौज व मारपीट की धमकी दी गई। आवेदन में कहा गया है कि स्थिति कभी भी हिंसक रूप ले सकती है, इसलिए दूसरे पक्ष के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 163 के तहत कार्रवाई की जाए। इधर, दूसरे पक्ष के मो. यूनुस अंसारी (पिता स्व. जमीरूद्दीन मियां) ने भी अनुमंडल दंडाधिकारी कार्यालय में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने अपने आवेदन में बताया कि महेशमरवा मौजा के खाता संख्या 50, प्लॉट संख्या 639 सहित कुल 9.02 एकड़ जमीन उनके दादा रमजान मियां के नाम वर्ष 1939 में हुकुमनामा के आधार पर दर्ज है और इसकी ऑनलाइन-ऑफलाइन जमाबंदी तथा राजस्व रसीद भी निर्गत है। उनका कहना है कि वे उक्त जमीन पर शांतिपूर्वक दखलकार हैं। मकान निर्माण कार्य शुरू किया तो, विपक्षी पक्ष द्वारा तीर-धनुष व अन्य हथियारों से लैस होकर रोकने की कोशिश की जा रही है। यूनुस अंसारी ने अपने आवेदन में यह भी आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो मामला खूनी संघर्ष का रूप ले सकता है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इसे धार्मिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने विपक्षी पक्ष के विरुद्ध बीएनएसएस की धारा 126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की मांग की है।

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