जमुआ प्रखंडवासियों की अधूरी रह गई कई ख्वाहिशें

Dec 26, 2025 04:35 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
share Share
Follow Us on

जमुआ प्रखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। यहां 4 लाख की आबादी में स्वास्थ्य सेवाएं न के बराबर हैं, विशेषकर महिला चिकित्सकों की कमी है। कॉलेज में सभी विषय नहीं हैं और बिजली आपूर्ति में भी समस्या है। किसानों की मांग कोल्ड स्टोरेज की है लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया है।

जमुआ प्रखंडवासियों की अधूरी रह गई कई ख्वाहिशें

जमुआ, प्रतिनिधि। जमुआ प्रखंड क्षेत्र में समस्याएं अनगिनत हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क एवं बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। जमुआ प्रखंड में करीब चार लाख की आबादी है। लेकिन स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर इस प्रखंड में कोई व्यवस्था नहीं है। खासकर महिला चिकित्सकों का टोटा है। यही वजह है कि महिला मरीजों को गिरिडीह, धनबाद अथवा रांची जाकर महिला चिकित्सकों के पास अपनी पीड़ा कहनी पड़ती है। जमुआ में लगभग 16 करोड़ की लागत से अस्पताल भवन बनकर तैयार है पर डॉक्टरों की कमी और उनकी बेरुखी के कारण अधिकांश मरीजों को तत्काल रेफर कर दिया जाता है।

दांत के मरीजों के लिए लगभग लाखों रुपए का उपकरण इस अस्पताल में मौजूद है पर कोई डेंटल डॉक्टर नहीं हैं। शिक्षा की स्थिति भी बदतर है। प्रखंड क्षेत्र में एक मात्र लंगटा बाबा कॉलेज मिर्जागंज में स्थापित है, परन्तु इस कॉलेज में सभी विषयों की पढ़ाई नहीं होती है। इस कॉलेज में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों का घोर अभाव है। बिजली सुविधा के मामले में भी यह प्रखंड काफी उपेक्षित है। बिजली आपूर्ति की स्थिति कमोबेश तो ठीक है पर जब भी कभी बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी होती है, तो उपभोक्ता अनुबंध पर बहाल कर्मियों को मिन्नतें करने लगते हैं। ऐसे में छोटे मोटे फॉल्ट को ठीक करने में अनुबंध पर कार्यरत लोग बिना पैसे लिए फॉल्ट को ठीक नहीं करते। प्रखंड में कुल 42 पंचायत हैं इनमें से सभी लोग आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं और जमुआ प्रखंड के किसान सब्जियों और धान के उत्पादन में अपने पड़ोसी प्रखंड से कहीं आगे है। यहां के किसान कई वर्षों से कोल्ड स्टोरेज सेंटर खोलने की मांग करते आ रहे हैं पर सरकार और प्रशासन ने अब तक उनकी मांगों को तवज्जो नहीं दिया है। इसके अलावा कई गांवों तक जाने के लिए अब तक सड़क नहीं है। लोगों को अभी भी पगडंडी के रास्ते आना जाना पड़ता है। पीएम योजना से वैसी सड़कों को बनवाया जाता है, जहां चुनिंदा ठेकेदारों को ज्यादा से ज्यादा लाभ हो सके। शिक्षा के क्षेत्र में जमुआ प्रखंड का स्तर खराब है। इस कारण आमजन के बच्चों को शिक्षा लेने में काफी परेशानी होती है। खासकर लड़कियों को विशेष परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रखंड क्षेत्र में एक भी महिला कॉलेज नहीं है। जिसके चलते चाहकर भी गरीब व माध्यम वर्ग की लड़कियां उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाती हैं।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।