अतिक्रमण की चपेट में जमुआ, मिर्जागंज व खरगडीहा बाजार
जमुआ प्रखंड के प्रमुख बाजार जमुआ, मिर्जागंज और खरगडीहा में अतिक्रमण की गंभीर समस्या है। अवैध कब्जों के कारण हर दस मिनट में जाम लग रहा है। स्थानीय लोग प्रशासन की निष्क्रियता का आरोप लगा रहे हैं। 2015 के बाद से कोई प्रभावी अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं चलाया गया है।

जमुआ, प्रतिनिधि। जमुआ प्रखंड के प्रमुख बाजार जमुआ, मिर्जागंज और खरगडीहा इन दिनों अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि सड़कों के दोनों किनारों पर अवैध कब्जों के कारण हर दस मिनट पर जाम लग जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या के समाधान को लेकर प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है।
अतिक्रमण हटाने की स्थिति
वर्ष 2015 के बाद से यहां प्रभावी अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं चलाया गया, जिससे अतिक्रमणकारियों का मनोबल लगातार बढ़ता गया है। जमुआ चौक पर जमुआ-देवघर और जमुआ-गिरिडीह मुख्य सड़कें आपस में मिलती है। अतिक्रमण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है। दुकानदारों द्वारा टीन शेड, चबूतरे और सामान सड़क तक फैला दिए गए हैं, जिससे राहगीरों को चलने में भारी परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि जगह-जगह सब्जी की दुकानें, ठेले और चारपहिया वाहन खड़े रहते हैं। नतीजतन एंबुलेंस, स्कूली बस और अन्य जरूरी वाहन घंटों जाम में फंसे रहते हैं।
स्थानीय लोगों की राय
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2015 के बाद प्रशासन द्वारा केवल नोटिस देकर खानापूर्ति की गई है। वर्ष 2015 में जाम के कारण एक हाइवा की चपेट में आकर अनिता देवी की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए जमुआ चौक से ठेले और सब्जी दुकानों को हटाया था तथा कई अवैध दुकानों को भी तोड़ा गया था। इस कार्रवाई के बाद कुछ वर्षों तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन पिछले कुछ सालों में फिर से अतिक्रमण बढ़ने से जाम की समस्या विकराल हो गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


