
जमुआ: 21 वर्षों से अधूरा है अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय छात्रावास
जमुआ में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास का निर्माण कार्य 21 वर्षों से अधूरा है। 2004-05 में शुरू हुआ यह निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है, जिससे छात्रावास जर्जर हो रहा है। प्रशासन ने कई...
जमुआ। राज्य के अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए एक ही परिसर में शिक्षा के लिए नि:शुल्क छत उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना जिले में दम तोड़ रही है। कल्याण विभाग की ओर से लोक कल्याण कारी कार्यों का दावा जमुआ प्रखंड में खोखला साबित हो रहा है। जिले के जमुआ प्रखंड के अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय प्रतापपुर के छात्रों के लिए वर्ष 2004-05 में 32 लाख की लागत से जमुआ के हरला गांव में बन रहे 50 बेड का भव्य छात्रावास निर्माण का करारनामा उस समय के तत्कालीन कनीय अभियंता महेश कुमार के नाम से किया गया था।
जो आजतक अधूरा है। छात्रावास का निर्माण कार्य 21 वर्षों के बाद भी अधूरा विदित हो कि जमुआ प्रखंड के प्रतापपुर स्थित अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय छात्रावास का निर्माण कार्य 21 वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस विद्यालय में छात्रावास भवन का शिलान्यास वर्ष 2004 में किया गया था। शिलान्यास के बाद भवन निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन आज तक उसे पूरा नहीं किया गया। छत की ढ़लाई होने के बाद आगे का काम नहीं हो सका है। उक्त योजना की प्राक्कलित राशि 32 लाख थी। 32 लाख लागत से बनने वाला छात्रावास ध्वस्त होने के कगार पर है। अधूरे कार्य को पूरा करने की जरूरत है, जिसे जीर्णोद्धार करने की जरूरत है। दो मंजिला भवन की ढ़लाई हुई, पर प्लास्टर, दरवाजा नदारद छात्रावास निर्माण की योजना कल्याण विभाग की थी। निर्माण कार्य की जिम्मेवारी कनीय अभियंता महेश कुमार को दी गई थी। दो मंजिला भवन की ढ़लाई कर दी गई, लेकिन प्लास्टर, दरवाजा, खिड़की, फर्श का काम नहीं किया गया। भवन का प्लास्टर नहीं होने से धीरे-धीरे यह जर्जर होता जा रहा है। कुछ छज्जा टूटने भी लगे हैं। छात्रावास भवन का निर्माण कल्याण विभाग कर रहा था। शिलान्यास के कुछ महीने बाद संवेदक सह कनीय अभियंता महेश कुमार का तबादला हो गया। आनन- फानन में दो मंजिला भवन की छत की ढ़लाई कर वे यहां से चले गए। प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया पर नतीजा सिफर इस अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय छात्रावास का प्रशासन को कई बार ध्यान आकृष्ट किया गया, लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकला। ग्रामीणों ने कहा कि लाखों की लागत से बना छात्रावास बेकार पड़ा है। कहा कि कई बार पदाधिकारी को संज्ञान में दिया गया, लेकिन अब तक किसी ने कोई पहल नहीं की। ग्रामीणों ने बताया कि छात्रावास का भवन धीरे धीरे जर्जर होते जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन को आवश्यक पहल करना चाहिए, जिससे भवन का उपयोग विद्यालय के छात्रों के लिए हो सके। क्या कहते हैं प्रखंड कल्याण पदाधिकारी इस संदर्भ में जमुआ के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि यह योजना उनके कार्यकाल के पूर्व की है। जमुआ प्रखंड कार्यालय में हरिजन आवासीय बुनियादी विद्यालय छात्रावास (प्रतापपुर) हरला से जुड़ा कोई दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं है।

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