Hindi NewsJharkhand NewsGridih NewsIllegal Sand Mining Continues Unchecked in Bengabad Threatening Environment and Revenue
बेंगाबाद: विभिन्न घाटों में धड़ल्ले से हो रहा बालू का खनन

बेंगाबाद: विभिन्न घाटों में धड़ल्ले से हो रहा बालू का खनन

संक्षेप: बेंगाबाद प्रखंड में विभिन्न नदी घाटों से अवैध बालू खनन जारी है, जिससे खनन विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है। विभाग इस पर अंकुश लगाने में असफल है, जबकि पर्यावरण पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। समाजसेवियों ने इस मुद्दे को उठाया, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया।

Wed, 5 Nov 2025 02:11 AMNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
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बेंगाबाद। बेंगाबाद प्रखंड के अधीन विभिन्न नदी घाटों से बालू का अवैध खनन बदस्तूर जारी है। जिससे खनन विभाग को राजस्व की भारी चपत लग रही है। बाबजूद इसके संबंधित विभाग बालू के अवैध खनन खनन पर अंकुश लगाने में विफल साबित हो रहा है। सुबह होते ही नदी घाटों पर बालू का अवैध खनन शुरू हो जाता है और बालू को ट्रैक्टर से परिवहन कर जगह जगह पर ऊंची कीमतों पर इसकी बिक्री की जा रही है। मोतीलेदा नदी घाट से लेकर फुफंदी नारो बाद घाट, गमतरिया घाट, लुप्पी नदी घाट , गोलगो के पतरो नदी घाट सहित कई अन्य नदी घाटों से बालू का अवैध खनन किये जाने की सूचना मिली है।

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बालू का हो रहे अवैध कारोबार में संबंधित विभाग की मिलीभगत और इसके एवज में नजराना वसूली होने की बातें चर्चा का विषय बनी हुई है। जिससे बालू का अवैध कारोबार फूल फल रहा है। विभाग इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर करता है। बहरहाल जो भी हो लेकिन बेंगाबाद के विभिन्न नदी घाटों से हो रहे बालू के अवैध खनन का कार्य परवान पर है। पर्यावरण पर भी इसका व्यापक असर पड़ रहा है। पर्यावरणविदों की माने तो नदी घाटों से बालू के निरंतर खनन होने से जलीय जीवन व पानी की गुणवत्ता खराब होती है। वहीं नदी से कटाव तेजी से होता है। उदाहरण के तौर पर बेंगाबाद पेसराटांड़ नदी में बने इंटेक वेल के अगल बगल बालू के अवैध खनन के कारण लाखों रुपये की लागत से बना इंटेक वेल बेकार साबित हो रहा है और बेंगाबाद में पानी सप्लाई जबर्दस्त् रूप से प्रभावित हुई है। फिर भी नदी घाटों से बालू खनन जारी है। प्रखंड के कई समाजसेवियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और विभाग का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। इस सिलसिले में विशेष जानकारी के लिए मंगलवार दोपहर 3:47 मिनट पर डीएमओ और 3: 44 बजे बेंगाबाद सीओ से मोबाइल पर संपर्क स्थापित भी किया गया लेकिन दोनों पदाधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया।