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बिना लाइसेंस बड़े पैमाने पर सूद का कारोबार, ईडी से जांच की मांग

बिना लाइसेंस बड़े पैमाने पर सूद का कारोबार, ईडी से जांच की मांग

संक्षेप:

गिरिडीह शहरी क्षेत्र में बिना लाइसेंस सूद वसूलने का काम तेजी से बढ़ रहा है। कुछ धनपतियों ने इसे उद्योग बना लिया है, जिससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। टिकोडीह में कुछ लोग सालों से यह...

Sep 06, 2025 04:08 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
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गिरिडीह, प्रतिनिधि। गिरिडीह शहरी क्षेत्र में बगैर लाइसेंस सूद वसूलने का प्रचलन काफी बढ़ गया है। कुछेक धनपतियों ने तो इसे उद्योग ही बना लिया है। इससे सरकार के राजस्व को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जानकारों का कहना है कि शहरी क्षेत्र में यह उद्योग गैर कानूनी तरीके से कई लोग कर रहे हैं। सदर प्रखंड के टिकोडीह में भी एक दो लोगों द्वारा यह नाजायज काम वर्षों से किया जा रहा है। बताया गया कि उन एक दो लोगों का यह अनैतिक कार्य पूरे जिले में फैला हुआ है। ये लोग करोड़ों की राशि घरों और जमीन के कागजात को लेकर 2 से 5 प्रतिशत प्रति माह ब्याज तय कर मुहैया कराते हैं।

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पहले इनलोगों का काम अवैध कोयला कारोबार था। अब ये नाजायज तरीके से सूद पर पैसा लगाने का काम कर रहे हैं। जरुरतमंद लोगों से एग्रीमेंट, विभिन्न जायदाद का असली पेपर और चेक लेकर उन्हें करोड़ों की राशि मुहैया कराई जा रही है। कहते हैं कि इनके पास अवैध कोयला कारोबार में कमाए गए अकूत धन है। कितनी राशि और कहां कहां जमीन जायदाद है खुद नहीं पता। ये वित्तीय रखरखाव का संधारण भी गलत तरीके से कराते हैं। लोगों का कहना है कि अगर ये सरकार से लाइसेंस लेकर ब्याज पर रुपए मुहैया कराने का काम करते तो सरकार को इनके द्वारा उगाही जा रही ब्याज की मोटी रकम पर अच्छा खासा कर प्राप्त हो जाता। लेकिन वे ऐसा नहीं कर मोटी कमाई कर रहे हैं। इस संबंध में केंद्र की सत्ता में आसीन एक पार्टी के नेता ने इस बाबत ईडी को पत्र लिख कर ईडी से इसकी जांच की मांग की है। उक्त राजनीतिक पार्टी के नेता ने कहा कि उनका नाम इस मामले में उजागर नहीं किया जाए।नहीं तो उनकी जान पर खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि वित्तीय संधारण से लेकर उनके द्वारा जुटाए गए कागजात की जांच होने पर करोड़ों के टैक्स चोरी का मामला उजागर हो सकता है। उन्होंने कहा कि टिकोडीह के अलावा शहर के भी कई लोग इस गैर कानूनी काम का अंजाम दे रहे हैं। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।