सार्वजनिक भूमि पर अवैध जमाबंदी का आरोप, अंचल अधिकारी से जांच की मांग

Jan 11, 2026 02:47 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
share Share
Follow Us on

जमुआ अंचल के ग्राम मेरखोगुंडी कला में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को आवेदन देकर जांच और रोक लगाने की मांग की है। आरोप है कि डोमन महतो के नाम से अवैध जमाबंदी कराई गई है, जिसके आधार पर भूमि हड़पने का प्रयास किया जा रहा है।

सार्वजनिक भूमि पर अवैध जमाबंदी का आरोप, अंचल अधिकारी से जांच की मांग

जमुआ। जमुआ अंचल अंतर्गत ग्राम मेरखोगुंडी कला की सार्वजनिक (गैर-मजरुआ खास) सरकारी भूमि पर अवैध जमाबंदी कर कब्जा करने के प्रयास का मामला सामने आया है। इस संबंध में गांव की वार्ड सदस्य अंशु कुमारी एवं ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी जमुआ को लिखित आवेदन देकर मामले की गहन जांच एवं अवैध जमाबंदी पर रोक लगाने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि मौजा मेरखोगुंडी कला, हल्का संख्या-VII, थाना संख्या-0441, खाता संख्या-37, प्लॉट संख्या-01, कुल रकबा 44.60 एकड़ भूमि सर्वे खतियान में गैर-मजरूआ खास (सरकारी भूमि) के रूप में दर्ज है, जिसकी किस्म कोरिया आहर / परती व जंगल अंकित है।

उक्त भूमि में से लगभग 2.35 एकड़ भूमि पूर्णतः सार्वजनिक उपयोग की है, जिसके दोनों ओर तालाब स्थित है तथा बीच की भूमि पर वर्षों से ग्रामीणों के पशुओं का बथान चलता आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त सार्वजनिक भूमि पर ग्राम के डोमन महतो (पिता-निरपत महतो) के नाम से अवैध रूप से जमाबंदी कायम कराई गई थी, जिसके आधार पर उनके पुत्र पारस लाल महतो एवं अन्य द्वारा भूमि हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को धमकाने की भी शिकायत की गई है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि तत्कालीन पंचायत सेवक भरतलाल महतो द्वारा कदाचारपूर्वक गलत तरीके से नाम चढ़ाकर सरकारी मालगुजारी रसीद निर्गत की गई थी। इस मामले की जांच में उपायुक्त कार्यालय, पंचायत शाखा, गिरिडीह के पत्रांक 23-29/96-310 दिनांक 11.07.1996 के तहत दोषी पाए जाने पर भरतलाल महतो को सेवा से बर्खास्त किया गया था। बाद में उपायुक्त गिरिडीह के पत्रांक 294 दिनांक 13.11.2003 के तहत माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में पुनः जांच कर उन्हें दोषी ठहराया गया। इसके अलावा सेवा अपील संख्या 71/2004 एवं रिट याचिका संख्या 4239/2004 (उच्च न्यायालय, रांची) में भी आरोप प्रमाणित हुए। ग्रामीणों का कहना है कि जिन कागजातों को पहले ही अंचल अधिकारी जमुआ, उपायुक्त गिरिडीह एवं आयुक्त हजारीबाग प्रमंडल द्वारा गलत व अमान्य ठहराया जा चुका है, उसी के आधार पर दोबारा सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी से मामले की गहन जांच कर अवैध जमाबंदी व मालगुजारी रसीद पर तत्काल रोक लगाने, सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने एवं दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।