Gridih News: नीमा पहाड़ी के पास जमीन को लूट रहे बिचौलिए, रातोंरात खड़ी कर दे रहे झोपड़ी
Gridih News: हीरोडीह थाना क्षेत्र में जमीन पर अवैध कब्जे की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जहां बिचौलियों द्वारा खेल मैदान की जमीन पर रात के अंधेरे में अस्थायी ढांचें बनाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग की है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।

Gridih News: जमुआ। हीरोडीह थाना क्षेत्र में जमीन पर अवैध कब्जे का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। नीमा पहाड़ी और झारखंडधाम प्रवेश द्वार के समीप स्थित खेल मैदान की जमीन पर कथित रूप से बिचौलियों की नजर है। पहले बांस से घेराबंदी की जाती है, इसके बाद बालू-ईंट गिराकर रात के अंधेरे में कमरा खड़ा कर दिया जाता है। कमरे के ऊपर कोरकेट शीट डालकर सुबह खटिया या चौकी रख दी जाती है। इस तरह जमीन पर कब्जे का दावा मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नीमा पहाड़ी की ओर अब तक करीब तीन ऐसे कमरे तैयार किए जा चुके हैं। खास बात यह है कि इन निर्माणों के लिए न तो दिन के उजाले का इंतजार किया जाता है और न ही किसी कार्रवाई का भय दिखाई देता है। रात में निर्माण सामग्री पहुंचाकर कुछ ही घंटों में अस्थायी ढांचा तैयार कर दिया जाता है। सुबह वहां लोगों की मौजूदगी दिखने लगती है।
कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रहा हौसला
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी या सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर इस तरह कब्जे की कोशिश हो रही है तो इसकी जांच और तत्काल कार्रवाई जरूरी है। लेकिन अब तक पुलिस, अंचल प्रशासन और संबंधित कर्मियों की ओर से स्पष्ट कार्रवाई नहीं होने से कई सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि सार्वजनिक या खेल मैदान की जमीन की निगरानी कौन कर रहा है और अवैध निर्माण की सूचना मिलने के बाद जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्रवाई कर रहे हैं।
पतारडीह में फर्जी तरीके से जमीन बेचने की कोशिश का आरोप
इधर, पतारडीह में भी जमीन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति की जमीन को कतिपय जमीन माफिया फर्जी तरीके से बेचने की कोशिश कर रहे हैं। मामले की शिकायत के बाद जांच शुरू किए जाने की बात सामने आई है। इससे क्षेत्र में जमीन के कागजात, दाखिल-खारिज और खतियान से जुड़े मामलों को लेकर सवाल और गहरा गए हैं।
‘अंचल से बड़ी साजिश चल रही’
जमीन से जुड़े मामलों के जानकार और भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रदेश संयोजक विश्वनाथ सिंह ने कहा कि क्षेत्र में जमीन के मामलों की गंभीर जांच जरूरी है। उनका आरोप है कि अंचल स्तर से बड़ी साजिश चल रही है। दूसरे के खतियान को खाली कर पैसे देने वाले व्यक्ति को दूसरे के खाते से जमीन काटकर देने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सभी खतियान ऑनलाइन क्यों नहीं किए जा रहे हैं, ताकि जमीन के वास्तविक मालिक और रिकॉर्ड की स्थिति आम लोग आसानी से देख सकें।
क्षेत्र में जमीन विवाद
क्षेत्र में जमीन विवाद, कथित फर्जीवाड़ा, अवैध कब्जा और जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े कई मामले चर्चा में हैं। ऐसे में नीमा पहाड़ी से लेकर झारखंडधाम प्रवेश द्वार तक सरकारी अथवा सार्वजनिक जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच, सीमांकन और अवैध निर्माण पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने लगी है।


