
अवैध अंग्रेजी दवा दुकानों एवं फर्जी डॉक्टरों का बोलबाला
हीरोडीह क्षेत्र में अवैध अंग्रेजी दवा दुकानों और फर्जी डॉक्टरों का जाल तेजी से फैल रहा है। स्थानीय लोग बताते हैं कि ये दुकानें न तो पंजीकृत हैं और न ही संचालकों के पास चिकित्सीय योग्यता है। गंभीर बीमारियों का गलत इलाज और उचित स्वास्थ्य जांच की कमी से ग्रामीणों की सेहत को खतरा है।
हीरोडीह, प्रतिनिधि। हीरोडीह क्षेत्र व इसके आसपास के इलाकों में अवैध रूप से चल रही अंग्रेजी दवा दुकानों और बिना पंजीकरण के इलाज कर रहे तथाकथित डॉक्टरों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये दुकानें न तो पंजीकृत हैं और न ही इनके संचालकों के पास आवश्यक चिकित्सीय योग्यता है। इसके बावजूद वे खुलेआम खुद को डॉक्टर बताकर गरीब एवं अनजान मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई जगहों पर बीमारी कुछ और होती है, लेकिन इलाज कुछ और दिया जाता है, जिससे गंभीर स्थिति भी बन जाती है। जानकारी के अनुसार इन अवैध दुकानों पर न तो दवाओं का उचित रखरखाव होता है और न ही मरीजों की जांच के लिए कोई मान्य सुविधा।
इसके बावजूद ये कथित डॉक्टर मरीजों को इंजेक्शन, ड्रिप और अन्य दवाएं देने से भी पीछे नहीं हटते। लोग आरोप लगाते हैं कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच-पड़ताल की कमी के कारण ऐसे लोगों के हौसले बुलंद हैं। वर्षों से शिकायत होने के बाद भी किसी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते गरीब और अशिक्षित मरीजों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से इस पूरे मामले की तुरंत जांच कर अवैध दवा दुकानों व फर्जी डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि लोगों की सेहत से हो रही खिलवाड़ रोकी जा सके।

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