दहेज हत्या में दोषी पति व भैंसूर को 10-10 साल सश्रम कारावास
गिरिडीह में दहेज हत्या के मामले में पति मुरारी प्रसाद और भैंसूर कृष्णा प्रसाद को 10-10 साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया और सजा के बाद कृष्णा प्रसाद ने निर्दोष होने का दावा करते हुए हंगामा किया, जिसके चलते उसकी सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी गई।

गिरिडीह, प्रतिनिधि। दहेज हत्या में दोषी विवाहिता के पति एवं भैंसूर को 10-10 साल सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश छह प्रीति कुमारी की अदालत ने सोमवार को दहेज हत्या में दोषी ठहराये गये मुरारी प्रसाद एवं कृष्णा प्रसाद के सजा के बिंदुओं पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद अदालत ने पति मुरारी प्रसाद को दस साल एवं भैंसूर कृष्णा प्रसाद को सात साल सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रूपये की सजा सुनायी। हालांकि सजा सुनाये जाने के बाद भैंसूर कृष्णा प्रसाद द्वारा अपने को निर्दोष बताते हुए अदालत में हंगामा किया जाने लगा।
इसके बाद अदालत ने भैंसूर कृष्णा प्रसाद की सजा भी बढ़ाकर 10 साल कर दिया। अदालत ने 04 अप्रैल को ही इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए मुरारी प्रसाद एवं कृष्णा प्रसाद को भादवि की धारा 304बी एवं 498ए में दोषी ठहराया था और जमानत पर चल रहे दोनों आरोपियों का बेल बाउंड केंसिल कर न्यायिक हिरासत में केंद्रीय कारा गिरिडीह भेज दिया था। वहीं इस मामले के दो अन्य अभियुक्त मसोमात मेनिया एवं सिकंदर कुमार को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया था। यह मामला बगोदर थाना कांड संख्या 146/2014 से संबंधित है।
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