
निगम की 35 दुकानों पर फिर बुलडोजर एक्शन की तैयारी
संक्षेप: गिरिडीह में पहली फोरलेन सड़क परियोजना को नगर निगम की 35 दुकानों ने फिर से रोक दिया है। पहले 24 दुकानों को ध्वस्त किया गया था, जिससे सड़क निर्माण में तेजी आई थी। अब, अतिक्रमित भूमि की मापी में 3.5 फीट की अतिक्रमण मिली है। प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है और दुकानदारों को नोटिस जारी किया जाएगा।
गिरिडीह, प्रतिनिधि। शहर की पहली फोरलेन सड़क परियोजना को पूर्ण होने में नगर निगम की 35 दुकानें फिर रुकावट बन गई है। इसके पूर्व शहर के अम्बेदकर चौक से सटे 24 दुकानें, जो सड़क की चौड़ाई को रोक रही थी। जिसे नगर निगम ने काफी जद्दोजहद के बाद दुकानदारों से सभी दुकानें खाली करवाई। दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त किया गया, तब जाकर सड़क निर्माण कार्य की रफ्तार जोर पकड़ी। अभी फिर जिन 24 दुकानों को ध्वस्त किया जा चुका है, उससे सटे निगम की सिलसिलेवार अन्य 35 दुकानें भी सड़क निर्माण में रुकावट पैदा कर रही है। गुरुवार को जब एसडीएम सदर श्रीकांत यशवंत विस्पुते के नेतृत्व में सदर अंचल की टीम स्थल पर मापी की तो साढ़े तीन फीट सड़क की भूमि अतिक्रमित मिली है।

इसके बाद सदर प्रशासन से लेकर कार्यकारी एजेंसी आरसीडी और नगर निगम हरकत में आ गई। 59 दुकानें पहले से थी रडार पर: निगम की 59 दुकानें फोरलेन सड़क परियोजना के रडार पर पहले से ही थी। निगम सूत्र की मानें तो कार्यकारी एजेंसी भी सम्बंधित विभाग को यह सूचना दे चुकी थी कि सड़क निर्माण में 59 दुकानें प्रभावित होगी। इसमें शहर के अम्बेदकर चौक से सटी निगम की 24 दुकानों का धराशाई होना बेहद जरुरी है, तभी सड़क की चौड़ाई मुकम्मल होगी, वहीं इससे सटी 35 और दुकानें भी प्रभावित होगी। लेकिन इन दुकानों की भूमि जरा बहुत जाएगी। हालांकि गुरुवार को टीम ने जब स्थल पहुंचकर मापी की तो साढ़े तीन फीट भूमि सड़क की निकली, जो फिलहाल अतिक्रमित है। अब अतिक्रमित भूमि पर प्रहार करने की तैयारी प्रशासन कर रही है, वहीं सम्बंधित नगर निगम इन दुकानदारों को 31 अक्तूबर से नोटिस थमाने जा रही है। निगम के उपनगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक की मानें तो नोटिस बन चुका है। शुक्रवार से दुकानदारों को थमाया जाएगा। एसडीएम सदर के श्रीकांत यशवंत विस्पुते ने कहा जिस 35 दुकानों की बात हो रही है वहां रोड की मापी हुई तो साढ़े तीन फीट सड़क की भूमि अतिक्रमित मिल रही है। इसे मुक्त कराया जाएगा। कोशिश होगी कि दुकानों को बचा लिया जाए।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




