100 बेघरों को मिलेंगे पक्का मकान, निगम ने अंचल से मांगा भूखंड
गिरिडीह नगर निगम ने 100 बेघर और भूमिहीन परिवारों के लिए पक्का मकान बनाने की योजना शुरू की है। इसके लिए तीन एकड़ भूमि की आवश्यकता है। पिछले फेज वन में 190 फ्लैट्स बनाए गए थे, लेकिन भूमिहीनों की कमी के कारण परियोजना पूरी नहीं हो पाई।

गिरिडीह। गिरिडीह शहर के 100 बेघर और भूमिहीन परिवारों को नगर निगम बहुत जल्द पक्का मकान बनाकर देने की योजना पर काम शुरू कर दी है। इसके लिए नगर निगम ने सदर अंचल से बेघरों को छतवाले मकान देने के लिए तीन एकड़ की खाली भूमि मांगी है। कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) टू अन्तर्गत-11 के तहत शहरी आवासविहिन परिवारों को किफायती दर पर घर बनाकर देना है। इस परियोजना में कम से कम 100 आवास बनना है, जिसके लिए करीब तीन एकड़ खाली भूमि की बेहद जरुरत है। निगम ने शहर के अंदर खाली भूमि देने का अनुरोध किया है। हालांकि इससे पहले निगम ने योजना के फेज वन के तहत जो भूमिहीनों के लिए 190 पक्का मकान बनाए है, वह शहर से दूर और ग्रामीण इलाके में है。
छह साल में भी निगम नहीं ढूंढ़ पाई 190 भूमिहीन
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) फेज वन के तहत करहरबारी में किफायती आवास परियोजना करीब छह वर्ष पूर्व शुरु हुई। जिसके तहत 190 फ्लैट्स बनने लगे। लेकिन बेघर और भूमिहीनों की कमी ने परियोजना को आजतक पूर्ण होने नहीं दिया। या कहें परियोजना के तहत 190 भूमिहीन नहीं मिल पाए। निगम सूत्र की मानें तो 190 फ्लैट की बुकिंग में 216 आवेदन आये थे। जिसमें 161 भूमिहीन को फ्लैट्स आवंटित किया गया है। शेष भूमिहीन की खोज जारी है। इन्हें भी फ्लैट्स आवंटित कर परियोजना की फाइल को बंद कर दिया जाएगा। हालांकि जानकारों का कहना है कि शहर में भूमिहीनों की कमी नहीं है। फ्लैट्स बुकिंग में देरी होना या भूमिहीनों की इसमें दिलचस्पी नहीं होना, इसके पीछे गिरिडीह शहर से दूरी व ग्रामीण परिवेश कारण बताया जा रहा है। शहर से सात किलोमीटर की दूरी पर बसना भूमिहीन लोगों को जम नहीं रहा है। लिहाजा इसलिए यह फ्लैट्स को लेने में भूमिहीन ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
फ्लैट्स का विवरण
परियोजना के तहत कुल 190 फ्लैट बनाए गए हैं। प्रत्येक फ्लैट 320 वर्ग फीट का है, जिसमें एक कमरा, एक हॉल, एक किचन और बाथरूम की सुविधा है।
वहीं उपनगर प्रशासक प्रशांत कुमार लायक ने कहा, 100 आवासविहिन परिवारों को एक बीएचके पक्का छतदार मकान प्रधानमंत्री आवास योजना टू से देना है। इसके लिए सदर अंचल से आवास निर्माण के लिए तीन एकड़ खाली भूमि की डिमांड की गई है। ऐसे फेज वन में 190 में 161 भूमिहीनों को पक्का मकान आंवटित किया गया है।
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