
कुष्ठ के साथ टीबी, मलेरिया के रोगियों की भी करें पहचान: डीसी
गिरिडीह में कुष्ठ रोग खोज अभियान के लिए बैठक की गई। 10 से 26 नवंबर तक जिले में डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। डीसी ने कहा कि कुष्ठ रोगियों को 500 रुपये प्रति माह पोषण सहायता मिलेगी। अभियान के दौरान अन्य बीमारियों के मरीजों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य केंद्र भेजने का निर्देश दिया गया।
गिरिडीह, प्रतिनिधि। गिरिडीह डीसी रामनिवास यादव ने मंगलवार को कुष्ठ रोग खोज अभियान हेतु जिला समन्वय समिति की बैठक की। जिसमें सिविल सर्जन ने बैठक की जानकारी दी। कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर 10 से 26 नवंबर तक जिले में कुष्ठ रोग खोज अभियान का प्रथम चक्र चलाया जाएगा। जिसके तहत घर-घर डोर टू डोर सर्वे के माध्यम से कुष्ठ रोगियों की पहचान की जाएगी। पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से कुष्ठ रोग खोज अभियान के तहत किए जानेवाले कार्यों पर विस्तृत जानकारी दी। कहा कि कुष्ठ रोगियों को उनके उपचार की अवधि के दौरान पोषण सहायता के रूप में 500 प्रतिमाह दिए जाते हैं।

इसपर डीसी ने कुष्ठ रोग खोज अभियान प्रथम चक्र के सफल आयोजन को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। कहा कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। वहीं उन्होंने अभियान के व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा, सहिया और एएनएम संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान करेंगी। इसके अलावा उन्होंने संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। अभियान के सफल आयोजन पर डीसी ने जिला एवं प्रखंड स्तर पर आयोजित किए जानेवाले प्रशिक्षण के बेहतर संचालन सुनिश्चित करते का टास्क दिया। कहा कि समाज कल्याण, शिक्षा, पंचायती राज, स्वास्थ्य आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाएं। कहा कि सर्वे के दौरान यदि टीबी, मलेरिया अथवा अन्य बीमारियों के मरीज मिलते हैं तो उनकी सूची बनाकर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजें। अभियान में सहिया, सीएचओ, एएनएम, मेडिकल अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान कुष्ठ रोग के साथ अन्य बीमारियों की जानकारी देने पर भी बल दिया गया।

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