
आधे शहर पर गहरा रहा ब्लैकआउट का खतरा, दिवाली और छठ पर टेंशन
गिरिडीह शहर को ब्लैकआउट का खतरा मंडरा रहा है। फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान 33 हजार वोल्ट की अंडरग्राउंड लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। बिजली विभाग मरम्मत कर रहा है, लेकिन इसके सफल होने की गारंटी नहीं है।...
गिरिडीह, प्रतिनिधि। गिरिडीह शहर पर कभी भी ब्लैकआउट का खतरा मंडरा रहा है। इसकी भनक सम्बंधित बिजली विभाग को भी लग चुकी है। इस आशंका से विभाग के हाथ पांव फूल रहे हैं। विभाग को डर सता रहा है कि आधे शहर की बिजली किसी वक्त भी ठप हो सकती है। दरअसल, फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान कई स्थानों पर 33 हजार की लाईन अंडरग्राउंड पास हुई है, वह क्षतिग्रस्त सह डैमेज हो गयी है। यह 33 हजार वोल्ट की लाईन करहरबारी ग्रिड से बस स्टैंड पावर सब-स्टेशन को जाती है। वर्तमान में अंडरग्राउंड लाइन के क्षतिग्रस्त होने के बाद विभाग इसकी मरम्मति तो करा रहा है, लेकिन इसकी मरम्मति के बाद सुचारु बिजली आपूर्ति दी जा सके।
इससे विभाग भी संतुष्ट नहीं हो रहा है। विभागीय सूत्र की मानें तो फोरलेन सड़क निर्माण कार्य में जेसीबी से खुदाई के दौरान कई स्थानों पर 33 हजार वोल्ट की लाइन क्षतिग्रस्त कर हो गई है, जिसकी मरम्मति हो रही है। यह कितना सफल रहेगा यह नहीं कहा जा सकता। भंडारीडीह से पचंबा तक प्रभावित: यदि ब्लैकआउट का खतरा बनता है तो इसमें भंडारीडीह अंश से लेकर पचंबा तक के इलाके प्रभावित होंगे। खासकर फीडर नंबर तीन और चार के उपभोक्ताओं को बिजली के बगैर दिन बिताना पड़ेगा। चूंकि क्षतिग्रस्त 33 हजार वोल्ट की लाइन की मरम्मति जो हो रही है, उससे निर्बाध बिजली देना विभाग को भी मुश्किल लग रहा है। विभाग का कहना है कि तारों को दुरुस्त किया जा रहा है, लेकिन निर्बाध बिजली देना आगे मुश्किल होता दिख रहा है। इसे लेकर विभाग की चिंता बढ़ी हुई है।

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