गैस की किल्लत के कारण जमुआ में बढ़ी परेशानी
जमुआ में युद्ध के कारण गैस की किल्लत हो गई है, जिससे लोगों को अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ रहा है। ग्रामीणों को गैस के लिए कई गोदामों पर जाना पड़ता है और होम डिलीवरी नहीं हो रही है। ऑनलाइन बुकिंग में भी अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है, जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

जमुआ। युद्ध के कारण उत्पन्न घरेलू और व्यवसायिक गैस की किल्लत के कारण लोगों को अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ रहा है। न तो सहूलियत से होम डिलीवरी हो रही है, और न ट्रांसपोर्टिंग शुल्क की कटौती हो रही है। जमुआ प्रखंड क्षेत्र के गांवों के लोगों को गैस के लिए जमुआ, कारोडीह, पोबी समेत अन्य गोदामों पर जाना पड़ रहा है। इसके कारण लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में गैस उपभोक्ता ऑनलाइन गैस के लिए 970 रुपए जमा कर रहे हैं। उसके बाद भी 30 रुपये अतिरिक्त शुल्क अलग से लिया जा रहा है।
इस संदर्भ में कारोडीह निवासी प्रदीप यादव ने बताया कि गैस के लिए ओटीपी आने के बाद 970 की जगह 1000 रुपया लिया जा रहा है। जबकि गैस सिलेंडर को होम डिलीवरी नहीं किया जा रहा है। गैस सिलेंडर को घर से ले जाने और लाने के लिए ऑटो से 100 रूपये अतिरिक्त खर्चा पड़ रहा है। नावाडीह निवासी विश्वनाथ सिंह ने बताया कि गैस सिलेंडर बिना लिए भी एजेंसी वाले खुद से बुक कर गैस की डिलीवरी बता रहे हैं। जबकि ग्राहक गैस को बुक नहीं किया है। ग्राहक एजेंसी के यहां जा रहे हैं तो उन्हें बताया जा रहा है कि आपका गैस डिलीवर हो गया। उन्होंने बताया कि गैस के लिए बुकिंग करने के बाद ओटीपी आने में काफी विलंब हो रहा है। इसके कारण गैस सिलेंडर समय से नहीं मिल रहा है। घर में इंडक्शन पर खाना पकाने की मजबूरी बन गई है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


