पैक्सों ने मांगी गई बैंक गारंटी पर जताई असमर्थता, सौंपा ज्ञापन
गिरिडीह में किसानों ने खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए धान अधिप्राप्ति में बैंक गारंटी की आवश्यकता के खिलाफ विरोध किया। पैक्स संचालकों ने असमर्थता जताई, और संघ ने सरकार से सहानुभूति पूर्वक कार्रवाई की...

गिरिडीह। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में धान अधिप्राप्ति का कार्य किए जाने को लेकर किसानों को एकमुश्त भुगतान किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए धान अधिप्राप्ति के रुप में कार्य करनेवाले लैंपस/पैक्स से भंडारण क्षमता के अनुरुप न्यूनतम समर्थन मूल्य के समतुल्य बैंक गारंटी प्राप्त किया जाना है। इसके लिए पैक्सों को सहकारिता पदाधिकारी ने पत्र प्रेषित किया। इसको लेकर शुक्रवार को झारखंड राज्य लैम्पस/पैक्स संघ ने झंडा मैदान में बैठक की। जिसकी अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष केदार प्रसाद यादव ने की। बैठक में पैक्स संचालकों ने मांगे गए बैंक गारंटी पर असमर्थता जताई। बैठक के बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी को ज्ञापन भी दिया गया।
दिए ज्ञापन में संघ ने कहा कि पैक्सों की वर्तमान वित्तीय स्थिति एवं सीमित संसाधनों के कारण बैंक गारंटी उपलब्ध कराना संभव नहीं है। कहा कि पैक्स संघ ने सर्वसम्मति से वर्ष 2025-26 में धान अधिप्राप्ति नहीं करने का भी निर्णय लिया है। जिलाध्यक्ष केदार यादव ने कहा कि वर्ष 2011-12 से धान अधिप्राप्ति का कार्य कर रहे विभिन्न पैक्सों का 2024-25 तक कमीशन एवं परिवहन की राशि लंबित है, बावजूद सरकार की इस योजना में विभिन्न पैक्स सहयोग कर रहे हैं। कहा कि वर्ष 2011-12 से पैक्सों को कमीशन 31.25 रुपए प्रति क्विंटल की दर से दिया जा रहा है। किसानों को प्रति क्विंटल 1080 रुपए से बढ़ाकर अब 2400 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। कहा कि पैक्सों को किसी प्रकार का मानदेय नहीं देना सरकार के द्वारा शोषण करना प्रतीत हो रहा है। इस पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग पैक्स संघ ने की है।
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