
जमाबंदी कायम कराने की बनाई रणनीति
गिरिडीह में किसान जनता पार्टी की बैठक हुई, जिसमें मृत रैयतों की जमीन को जीवित उत्तराधिकारियों के नाम पर जमाबंदी कराने की मांग की गई। अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि 90 प्रतिशत किसानों की जमीन मृत पूर्वजों के नाम पर है, जिससे वे सरकारी सहायता से वंचित हैं। फरवरी-मार्च में बड़े आंदोलन की योजना बनी।
गिरिडीह, प्रतिनिधि। मृत रैयतों के नाम पर चले आ रहे जमीन की जमाबंदी को उसके जीवित उत्तराधिकारियों के नाम पर जमाबंदी कायम कराने और आंदोलन की रणनीति बनाने को लेकर मंगलवार को किसान जनता पार्टी की एक बैठक झंडा मैदान गिरिडीह में हुई। बैठक में किसान जनता पार्टी के केन्द्रीय कमेटी अध्यक्ष सह अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान में लगभग 90 प्रतिशत किसानों की जमीन उनके मृत पूर्वजों के नाम पर है। जिस वजह से किसान ना सिर्फ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलनेवाले सालाना 6000 रुपया के अनुदान राशि से वंचित हो जा रहे हैं, बल्कि गरीब किसानों की जमीन को भी पैसे वाले लोग बैक डेट से जाली दस्तावेज बनाकर और अंचल में रिश्वत देकर अपने नाम से जमीन का जमाबंदी कायम करवा ले रहे हैं।
गरीब किसान अंचल में मोटा रकम घूस में नहीं दे पाते है। जिस वजह से किसान के मृत पूर्वज की जमीन को किसान के नाम पर उत्तराधिकार दाखिल खारिज नहीं किया जाता है। मृत पूर्वज के जमीन के बंटवारा का डीड रजिस्ट्री ऑफिस में पंजीकृत कराने के लिए मात्र 100 रुपया सरकार द्वारा शुल्क निर्धारित किया गया है, पर भ्रष्टाचार के कारण कोई भी इसका लाभ नहीं उठा पाता है l इसलिए वक़्त की पुकार है कि अब हर एक उस किसान को नेता खुद बनना होगा जो भ्रष्टाचार की वज़ह से अपनी जमीन का लगान रसीद अपने नाम पर नहीं कटवा पा रहा है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि फरवरी मार्च के महीने में किसानों का बड़ा आंदोलन किया जायेगा। जिसमें आंदोलन का नेतृत्व सभी मौजा के किसान खुद करेंगे, ताकि गिरफ्तार करने पर किसानों को जेल में रखने के लिए जगह नहीं बचे। उक्त बैठक में विजय सिंह, जहांगीर अंसारी, नारायण राय, सबिता देवी, घनश्याम पंडित, रीना टुडू, सबिता हेम्ब्रम, छोटू हेम्ब्रम, दासो मुर्मू, बटू मरांडी, रोहित पंडित सहित कई किसान उपस्थित रहे l

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