
नाबालिग बेटे ने दी पिता को मुखाग्नि
बगोदर में एक प्रवासी मजदूर खेमलाल महतो की अचानक मौत के बाद उनके बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। ठंड के मौसम में यह दृश्य बेहद भावुक था। पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने पीड़ित परिवार को सहयोग का आश्वासन दिया और प्रवासी मजदूरों के हित में ठोस नीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया।
बगोदर, प्रतिनिधि। ठंड का मौसम चल रहा है और शाम होने को थी। इससे ठिठुरन बढ़ गई थी। चिड़िया चहचहाती हुई अपने आशियाने की ओर जा रही थी। नदी का पानी मंद- मंद बह रहा था। सभी की आंखें नम थी। परिजनों के चित्कार से माहौल पहले से ही गमगीन था। इस बीच मृत प्रवासी मजदूर के मासूम बेटा के कांपते हाथों में चिराग था और वह अपने पिता को मुखाग्नि दे रहा था। यह पल हर किसी को भी भावुक करने वाला था। बगल में खड़े पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह भी दुखी थे। प्रवासी मजदूरों की पीड़ा, उनकी आकस्मिक मौतों के बाद पीड़ित परिजनों की स्थिति ये सभी बातें उनके दिमाग में चल रहा था।

यह वाकया रविवार को बगोदर के पोखरिया श्मशान घाट के पास देखने को मिला। दरअसल इसी गांव के प्रवासी मजदूर खेमलाल महतो दक्षिण अफ्रीका में रहते थे और तबीयत खराब होने के बाद जब घर पहुंचे थे तब धनबाद के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और इलाज के दौरान ही रविवार को उनकी मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने पर पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे थे। पीड़ित परिजनों को हिम्मत बंधाते हुए हर संभव सहयोग का उन्होंने आश्वासन भी दिया। उन्होंने एक बार फिर केंद्र एवं राज्य सरकार से प्रवासी मजदूरों के हित के लिए कोई ठोस नीति बनाए जाने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद पीड़ित परिजनों के भरण-पोषण के लिए भी सरकार को कोई नीति बनानी चाहिए।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


