सरिया के ललमटिया जंगल में हाथियों के कुचलने से वृद्ध की मौत
गुरुवार को गिरिडीह के सरिया प्रखंड में 70 वर्षीय जागेश्वर ठाकुर को हाथियों ने कुचलकर मार डाला। वह महुआ चुनने जंगल गए थे। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और वन विभाग ने परिजनों को 50,000 रुपये की सहायता दी। गांव में हाथियों का एक झुंड सक्रिय है, जिसमें एक हाथी उग्र है।

सरिया (गिरिडीह), प्रतिनिधि। गुरुवार दोपहर सरिया प्रखंड के परसिया पंचायत के बगड़ो के ललमटिया जंगल में महुआ चुन रहे इसी गांव के निवासी जागेश्वर ठाकुर 70 को हाथियों ने कुचलकर मार डाला। सरिया पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है वहीं वन विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल 50 हजार की नगद राशि उपलब्ध कराई गई। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, जागेश्वर करीब 10 बजे सुबह घर से जंगल की तरफ महुआ चुनने के मकसद से गए थे। गुरुवार दोपहर एक बजे तक नहीं लौटने पर लोगों को चिंता हुई तो खोजबीन शुरू की।
जंगल में महुआ पेड़ के आसपास जागेश्वर ठाकुर मृत पड़ा था। मृतक की बहू ने इसकी जानकारी गांव के रमेश उपाध्याय, गोपाल पांडेय, प्रह्लाद सिंह, अशोक तुरी को दी। इसके बाद सभी लोग घटनास्थल पर पहुंचे। रमेश उपाध्याय ने बताया कि शव को देखकर लगता है कि हाथियों ने इसे कुचल कर मार डाला है। इसने बचने भागने की कोशिश की क्योंकि चप्पल एवं गमछे अलग पड़े हुए थे और शव कुछ दूरी पर था। इनलोगों ने ये भी बताया कि बीते कुछ दिनों से चार हाथियों का झुंड जंगल में घूम रहा है जिसमें एक हाथी सबसे अधिक उग्र है। गोपाल पांडेय ने बताया कि घटना की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को एक बजे दी गई लेकिन ये लोग तीन बजे पहुंचे। जब इसकी जानकारी विधायक नागेन्द्र महतो को दी गई तो उन्होंने डीएफओ से बात कर फॉरेस्ट पीयूष कुमार द्वारा 50 हजार की नगद राशि दी गई। फॉरेस्टर का मानना है कि फिलहाल महुआ एवं सखुआ के नए पते हाथियों का पसंदीदा भोजन है। उसकी खुशबू से ये पहुंच जाते हैं इसलिए महुआ चुनने के लिए सावधानी जरूरी है। बताते चलें कि इस तरह की मौत पर सरकार की ओर से चार लाख देने का प्रावधान है।
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