विस्थापितों को हक नहीं मिला तो होगी आर-पार की लड़ाई: दिलीप
गिरिडीह के सीसीएल बनियाडीह द्वारा किसानों की अधिग्रहीत जमीन का 50 साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। विस्थापित किसान अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना चुके हैं। झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के नेताओं ने किसानों के अधिकारों की लड़ाई का समर्थन किया है।

गिरिडीह, प्रतिनिधि। गिरिडीह के सीसीएल बनियाडीह द्वारा किसानों के अधिग्रहीत जमीन का 50 साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। विस्थापित किसान अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिए हैं। इसको लेकर रविवार को गिरिडीह प्रखंड अंतर्गत करहरबारी चुन्ना फैक्ट्री में एक महत्वपूर्ण बैठक विस्थापित मोर्चा के नेता देवचरण दास की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के जोनल उपाध्यक्ष दिलीप मंडल ने कहा कि गिरिडीह कोलियरी जब शुरू हो रहा था उस समय स्थानीय किसानों का कुल 398 एकड़ जमीन अधिग्रहित किया गया था, लेकिन उसमें 169 एकड़ जमीन जिन किसानों की कोलियरी द्वारा अधिग्रहित किया गया।
उन किसानों को आज तक मुआवजा नहीं मिला। पिछले 50 वर्षों से विस्थापित अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लगभग 60-70 किसान परिवार हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, स्थानीय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन के अथक प्रयास से कोलियरी फिर से शुरू हो रहा है तो विस्थापितों की उम्मीद एक बार फिर जगी है। यदि सीसीएल प्रबंधन अविलंब इन विस्थापितों को न्याय नहीं देगा तो अब आर पार की लड़ाई होगी। झामुमो के जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि विस्थापितों को उनकी जमीन का इतने लम्बे समय तक मुआवजा नहीं मिलना बहुत शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा, झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन और विस्थापित मोर्चा विस्थापितों के हक की लड़ाई लड़ेगा। बैठक में गिरिडीह पश्चिमी क्षेत्र के प्रखंड अध्यक्ष अनवर अंसारी, अरविन्द साव, रवि कांदू, पवन कुमार साव, मुख्तार अंसारी, बालगोविन्द साहु, ईश्वर दास, संजय दास, रामा हजाम, उस्मान मियां, हसनैन अंसारी, गंगेश्वर दास, पप्पू दास, डीलचंद तुरी, प्रदीप सिंह, सोनाराम टुडु, अमन बेसरा सहित कई लोग मौजूद थे।
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