Hindi NewsJharkhand NewsGridih NewsDelayed Opening of 23 Crore Sub-Divisional Hospital in Bagodih Affects Local Healthcare
23 करोड़ से तैयार सरिया अनुमंडलीय अस्पताल भवन 8 माह से बेकार

23 करोड़ से तैयार सरिया अनुमंडलीय अस्पताल भवन 8 माह से बेकार

संक्षेप:

सरिया अनुमंडल क्षेत्र के लोगों के लिए 23 करोड़ रुपये की लागत से बना अस्पताल आठ महीने से चालू नहीं हो पाया है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण यह अस्पताल केवल दिखावे तक सीमित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अस्पताल के शुरू होने से पांच लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी।

Jan 03, 2026 01:09 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
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सरिया, प्रतिनिधि। वगोदर अनुमंडल क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से 23 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया अनुमंडलीय अस्पताल भवन बागोडीह में तैयार होने के बावजूद पिछले आठ महीनों से शुरू नहीं हो पाया है। अप्रैल माह में ही ठेकेदार विभाग को भवन हैंडओवर कर चुका है, लेकिन अब तक डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती नहीं होने से यह अस्पताल सिर्फ शो-पीस बनकर रह गया है। बताया जाता है कि यह अत्याधुनिक अनुमंडलीय अस्पताल भवन बनकर पूरी तरह तैयार है। अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए ओपीडी, आईपीडी, ऑपरेशन थिएटर, प्रसूति कक्ष, दंत चिकित्सा विभाग, जांच प्रयोगशाला, ऑक्सीजन सपोर्ट, वार्ड, ब्लड बैंक सहित अन्य जरुरी संसाधन लगाए जा चुके हैं।

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भवन निर्माण के साथ-साथ मशीनों का इंस्टॉलेशन और फर्नीचर का काम भी पूरा हो चुका है, फिर भी इलाज शुरू नहीं हो सका। इस अस्पताल के चालू होने से सरिया, बगोदर, बिरनी सहित आसपास के क्षेत्रों के करीब पांच लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलना था। वर्तमान में सरिया प्रखंड में समुचित स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही निर्भर रहना पड़ता है, जहां ओपीडी सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही संचालित होती है। गंभीर मरीजों को मजबूरी में गिरिडीह, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद और रांची जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक परेशानी दोनों बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 23 करोड़ रुपये की लागत से बना यह अस्पताल यदि चालू हो जाता, तो क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज अपने ही इलाके में मिल जाता। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को राहत मिलती। क्या कहते हैं चिकित्सा प्रभारी: चिकित्सा प्रभारी बिनय कुमार ने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल भवन का निर्माण और हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक पद सृजन नहीं होने के कारण डॉक्टरों और कर्मचारियों की बहाली नहीं हो पाई है। जब तक डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति नहीं होती, तब तक अस्पताल का संचालन संभव नहीं है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार से जल्द से जल्द पद सृजन कर डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की तैनाती करने की मांग की है, ताकि करोड़ों की लागत से बने इस अनुमंडलीय अस्पताल को चालू कर क्षेत्र की जनता को इसका लाभ मिल सके।