Hindi NewsJharkhand NewsGridih NewsCyber Crime Surge in Jharkhand Man Alleges 10 Lakh Fraud by Finance Company
फाइनेंस कंपनी के नाम पर 10 लाख रुपए का लगाया चूना

फाइनेंस कंपनी के नाम पर 10 लाख रुपए का लगाया चूना

संक्षेप:

झारखंड के खोरीमहुआ में एक व्यक्ति मो. करीम ने धनबाद की एक फाइनेंस कंपनी पर 10 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आरोपी ने एनओसी देने के लिए उन्हें पैसे जमा करने को कहा और बाद में गायब हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Nov 25, 2025 05:38 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
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खोरीमहुआ। झारखंड प्रदेश में साइबर क्राइम और ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी बीच खोरीमहुआ अनुमंडल क्षेत्र से एक बड़ा वित्तीय ठगी मामला सामने आया है, जिसने कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घोड़थम्भा ओपी क्षेत्र के डुमरडीहा निवासी मो. करीम (उम्र 50 वर्ष) ने धनबाद की एक फाइनेंस कंपनी के नाम पर 10 लाख रुपए की ठगी का गंभीर आरोप लगाते हुए ओपी प्रभारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। कैसे हुई ठगी मो. करीम ने वर्ष 2022 में महिंद्रा थार खरीदी थी, जिसकी मासिक किस्त ₹37,366 हीरो फाइनेंस, धनबाद में जमा होती थी।

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सितंबर 2025 तक सभी किस्तें चुकाने के बाद पीड़ित ने एनओसी के लिए कलेक्शन मैनेजर बताने वाले मनीष तिवारी से संपर्क किया। आरोप है कि उसने 10 लाख जमा कराने पर किस्त समाप्त कर एनओसी जारी करने की बात कहकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया। पीड़ित ने भगतान का विवरण का भी आवेदन में उल्लेख किया है। किस्त लेने के बाद हुआ गायब पीड़ित के अनुसार, पूरी राशि लेने के बाद आरोपी एनओसी देने में टालमटोल करने लगा। मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिया। कई दिनों से कार्यालय में भी अनुपस्थित पाया गया। करीम ने बताया कि आरोपी के साथ बबलू यादव भी रहता था। इसके अलावा तीन अन्य अज्ञात नंबरों से लगातार कॉल आता था। उन्होंने इनलोगों के नंबर का भी उल्लेख किया है। पीड़ित का दावा है कि यह मामला किसी संगठित ठगी गिरोह और कुछ कंपनी कर्मियों की मिलीभगत से हुआ है। पुलिस की जांच शुरू घोड़थम्भा ओपी प्रभारी धर्मेन्द्र अग्रवाल ने आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी एएसआई राजकुमार सिंह को सौंपी दी है। बताया कि जांच में कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन, खाता विवरण, लोकेशन ट्रेस, संबंधित दस्तावेज व फोटो का जुगाड़ किया जा रहा है। पुलिस ने ठगी, साजिश और धोखाधड़ी की धाराओं में कार्रवाई की संभावना जताई है। वहीं पीड़ित मो. करीम ने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच की जाए। आरोपी मनीष तिवारी और उसके साथियों को गिरफ्तार किया जाए। हड़पी गई ₹10 लाख की राशि वापस कराई जाए।