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दलितों, आदिवासियों, गरीबों को मिले सरकारी जमीन : फॉब्ला

दलितों, आदिवासियों, गरीबों को मिले सरकारी जमीन : फॉब्ला

संक्षेप:

गिरिडीह के कोल्हारिया में गरीब कोल आदिवासी परिवारों ने अपने पूर्वजों के नाम दर्ज जमीन पर पोजीशन लेने पर विरोध का सामना किया। ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की बैठक में प्रशासन से उनकी वाजिब जमीन दिलाने की मांग की गई। राजेश यादव ने कहा कि सरकार को स्थानीय दलित और आदिवासी जरूरतमंदों को प्राथमिकता के आधार पर जमीन बांटनी चाहिए।

Nov 10, 2025 02:22 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
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गिरिडीह, प्रतिनिधि। सदर प्रखंड एवं मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कोल्हारिया (सिंदवरिया) में गरीब कोल आदिवासी परिवारों द्वारा अपने पूर्वजों के नाम खतियान में दर्ज जमीन पर पोजीशन लेने से दूसरे मौजा के व्यक्ति द्वारा विरोध किए जाने के खिलाफ ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की अगुवाई में एक बैठक हुई। बैठक में प्रशासन से पीड़ित कोल परिवारों को उनकी वाजिब जमीन दिलाने की मांग की गई। इस बाबत सूचना पाकर कोल्हरिया पहुंचे पूर्व जिप सदस्य एवं फॉरवर्ड ब्लॉक के जिला संयोजक राजेश यादव के समक्ष वहां के कोल आदिवासी परिवारों ने बताया कि उनके पूर्वज रेहला कोल के नाम से मौजा सिंदवरिया के खाता 7 प्लॉट 165 में 4.95 एकड़ जमीन खतियान में दर्ज है।

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यह जमीन हमारे घर के सामने हमारे ही मौजा में और हमारे ही दखल-कब्जे में आज तक रही है। अब जरूरत पर जब हम लोगों ने अपनी जमीन पर खेती-बाड़ी और कच्चा निर्माण का काम शुरू किया तो बगल पंचायत एवं मौजा लेदा के एक व्यक्ति ने विरोध कर हमारे काम को रुकवा दिया और उल्टा थाने में जाकर शिकायत कर दी। अब हम लोगों को थाने बुलाया गया है। उनकी बातों को सुनकर यादव ने कहा कि कायदे से जमीन कोल परिवारों की ही होनी चाहिए। हालांकि संबंधित प्लॉट बड़ा है, इसलिए अगर किन्ही को उसी प्लॉट में जमीन की बंदोबस्ती मिली है तो उन्हें अपने पेपर के साथ अंचल अधिकारी से बंदोबस्त जमीन का सीमांकन करवाना चाहिए। बाद में संबंधी कागजातों के साथ कोल परिवारों को लेकर यादव ने मुफ्फसिल थाना जाकर मामले को देख रहे पुलिस अधिकारी के समक्ष भी बातों को रखा। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिस भी मौजा में सरकारी जमीन उपलब्ध है, वह जमीन स्थानीय दलित, आदिवासी व अन्य जरूरतमंद गरीबों को प्राथमिकता के आधार पर बांट देनी चाहिए, न कि किसी संपन्न लोगों को। लेकिन इस मामले में तो कोल आदिवासी परिवारों के पूर्वजों के नाम से जमीन ही मौजूद है। इसलिए इसमें विवाद की कोई जगह ही नहीं। कहा कि, ऐसे जरुरतमंदों को जमीन दिलाने को लेकर उनका संगठन शीघ्र ही एक अभियान चलाकर आंदोलन करेगा। मौके पर राजेश मांझी, मुन्ना मांझी, अमृत कोल, मतलु मांझी, भुनेश्वर कोल, वजीर कोल, खुबलाल मांझी, गणेश मांझी, एतवारी मांझी, जागेश्वर मांझी, लालू मांझी, जीतन ठाकुर, कोलशी देवी, शनिचरी देवी, गुड़िया कुमारी, राधा कुमारी, रीना देवी, नीलम देवी, रीता देवी सहित अन्य मौजूद थे।