अंतिम दिन भी वंदना का त्योहार मनाया

Jan 14, 2026 01:00 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
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गांडेय प्रखंड के आदिवासी क्षेत्रों में वंदना त्योहार धूमधाम से मनाया गया। मंगलवार को इसका अंतिम दिन था, जिसे बुढ़ी जाले के रूप में मनाया गया। इस दिन गांव के लोग भ्रमण करते हैं और सोहराय के दौरान शांति बनाए रखने की कोशिश करते हैं। अंत में मांझी बाबा सोहराय समाप्ति की घोषणा करते हैं और पारंपरिक नृत्य किया जाता है।

अंतिम दिन भी वंदना का त्योहार मनाया

गांडेय, प्रतिनिधि। गांडेय प्रखंड के विभिन्न आदिवासी बहुल क्षेत्रों में वंदना का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंगलवार को वंदना त्योहार का पांचवा और अंतिम दिन मनाया गया। वंदना के पांचवें दिन को बुढ़ी जाले या हाड़ाम हांडी के रुप में मनाते हैं। यह व्यवस्था संथाल समाज का सशक्त स्वशासन व्यवस्था का एक नाजिर आज भी जारी करता है। त्योहार के पांचवें दिन मानिंद मांझी, परानिक, जोग मांझी, गोड़ैत, नायके, कुड़ाम नायके एवं अन्य लोग गांव और टोला मोहल्ला का भ्रमण करते हैं। गणमान्य लोग यह देखते हैं कि सोहराय के दौरान कोई लड़ाई झगड़ा तो नहीं हुआ यदि छोटी- मोटी कहा सुनी हुई है तो उसे वहीं पर खत्म किया जाता है।

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अंतिम दिन मांझी बाबा सोहराय समाप्ति की घोषणा करता है और लोगों से दिनचर्या के कामों में लगने की अपील करते हैं। गांव के लोग पारंपरिक रूप से नृत्य भी करते हैं।

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